लाड़ली बहना योजना: पोर्टल खुलने पर दो मंत्रियों के अलग-अलग बयान, कांग्रेस ने भाजपा को घेरा
भोपाल: मध्य प्रदेश की महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने गुरुवार को लाड़ली बहना योजना के पंजीकरण पोर्टल को तत्काल दोबारा खोलने की किसी भी योजना से इनकार किया। उन्होंने राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल के उस बयान का खंडन किया, जिसमें पटेल ने कहा था कि पात्र महिला लाभार्थियों को शामिल करने के लिए पोर्टल दोबारा खोला जाएगा। दोनों मंत्रियों के अलग-अलग बयानों ने राजनीतिक खींचतान को जन्म दिया है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार पर योजना को लेकर महिलाओं को गुमराह करने का आरोप लगाया है।
पोर्टल खोलने पर फिलहाल कोई फैसला नहीं: निर्मला भूरिया
पोर्टल को दोबारा खोलने की संभावना के बारे में बात करते हुए निर्मला भूरिया ने कहा, “फिलहाल ऐसी कोई बात नहीं है। हमारी सरकार और मुख्यमंत्री मोहन यादव महिला सशक्तिकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं। कल मुख्यमंत्री ने डीबीटी के माध्यम से लाड़ली बहना योजना के लाभार्थियों को 1,500 रुपये हस्तांतरित किए। यह सरकार बनने के बाद से जारी है। हालांकि, हम फिलहाल (पोर्टल को दोबारा खोलने के संबंध में) कुछ नहीं कह सकते।” पटेल के पहले के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भूरिया ने कहा कि मंत्री कभी-कभी बातचीत के दौरान बयान दे देते हैं। उन्होंने दोहराया कि नए पंजीकरण के संबंध में कोई निर्णय घोषित नहीं किया गया है। उन्होंने आगे कहा, “कभी-कभी हमारे सदस्य बातचीत के दौरान कुछ बातें कह देते हैं। हालांकि, हमारी सरकार हर महीने वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। जब भी कोई नई जानकारी मिलेगी, आपको अवश्य सूचित किया जाएगा।”
नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कही थी पोर्टल दोबारा खोलने की बात
इससे पहले बुधवार को मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा था कि सरकार योजना में शामिल न की गई पात्र महिलाओं के पंजीकरण के लिए पोर्टल को फिर से खोलने की योजना बना रही है। पटेल ने कहा था, “मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक क्लिक में सभी लाड़ली बहना लाभार्थियों को राशि हस्तांतरित कर दी है। उन्होंने यह भी घोषणा की है कि लाड़ली बहना योजना से छूट गई महिलाओं के नाम जल्द ही पोर्टल पर पंजीकृत किए जाएंगे। उनके लिए पोर्टल फिर से खोला जाएगा और उन्हें भी योजना के दायरे में लाया जाएगा।”
पंजीकरण की समयसीमा अभी तय नहीं
पोर्टल को फिर से खोलने की समयसीमा के बारे में पूछे जाने पर नरेंद्र शिवाजी पटेल ने स्पष्ट किया कि अभी तक कोई समयसीमा तय नहीं की गई है। उन्होंने कहा, “फिलहाल कोई समयसीमा नहीं है, लेकिन मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह आकलन करने के निर्देश जारी किए हैं कि कितनी महिलाएं छूट गई हैं और उनका पंजीकरण कैसे किया जा सकता है। इस संबंध में आंतरिक निर्देश जारी किए गए हैं।” इसी बीच, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भाजपा सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता को लेकर महिलाओं से किए गए वादे पूरे नहीं किए गए हैं। पटवारी ने कहा, “नरेंद्र मोदी और शिवराज सिंह चौहान ने लाड़ली बहना योजना के तहत महिलाओं के साथ विश्वासघात किया है। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान 3,000 रुपये प्रति माह की गारंटी दी गई थी। चार करोड़ से अधिक महिलाएं हैं, और उन्होंने कहा कि वे एक करोड़ महिलाओं को लाभ पहुंचाएंगे, जबकि बाकी तीन करोड़ महिलाओं के साथ विश्वासघात किया। तब भी वादा 3,000 रुपये का था, लेकिन वे केवल 1,500 रुपये दे रहे हैं।” सरकार के विरोधाभासी बयानों पर निशाना साधते हुए उन्होंने आगे कहा, “एक मंत्री कहते हैं कि पोर्टल फिर से खोला जाएगा, जबकि दूसरे कहते हैं कि यह बंद रहेगा। यह वोट हासिल करने के लिए महिलाओं को गुमराह करने का संदेश है। कांग्रेस पार्टी ने बार-बार इस मुद्दे को उठाया है और कहा है कि भाजपा एक ऐसी सरकार है जो जनता के साथ विश्वासघात करती है। महिलाएं 2028 के विधानसभा चुनाव में इस सरकार को जवाब देंगी।”
लाड़ली बहना योजना के तहत मिलती है 1,500 रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश सरकार की एक प्रमुख योजना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) के माध्यम से हर महीने 1,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। वर्तमान में, इस योजना के तहत लगभग 1.25 करोड़ महिला लाभार्थी हैं।
(एएनआई)
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