रायबरेली में 30 अक्टूबर को आयोजित प्रारंभिक अर्हता

PET परीक्षा में बड़ी लापरवाही! अंधेरे कमरे में बैठकर पेपर हल करते रहे अभ्यर्थी, वीडियो वायरल

परीक्षा देकर बाहर आए अभ्यर्थी

रायबरेली (उत्तर प्रदेश)। 30 अक्टूबर को आयोजित प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) के दौरान व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आ रही है। रायबरेली जिले से परीक्षा व्यवस्था को लेकर एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां प्रशासनिक दावों के उलट परीक्षार्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। परीक्षा केंद्र के भीतर पसरे अंधेरे और सुविधाओं के अभाव का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद से शिक्षा विभाग और परीक्षा संचालन व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं।

​हरचंदपुर के जनपद इंटर कॉलेज का मामला

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला हरचंदपुर स्थित जनपद इंटर कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र का है। बताया जा रहा है कि 30 अक्टूबर को परीक्षा के दौरान केंद्र के एक कमरे में बिजली और रोशनी की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी। कमरे में पर्याप्त उजाला न होने के कारण वहां बैठे परीक्षार्थियों को भारी असमंजस और परेशानी का सामना करना पड़ा। मजबूरी में विद्यार्थियों को अंधेरे के बीच ही अपना पेपर हल करना पड़ा। दूर-दराज से परीक्षा देने आए युवाओं का कहना है कि जब उन्होंने इस संबंध में कक्ष निरीक्षकों या केंद्र प्रबंधन से गुहार लगाई, तो उनकी समस्या पर कोई ठोस ध्यान नहीं दिया गया।

​दूर-दराज से पहुंचे थे अभ्यर्थी

यह परीक्षा सिर्फ स्थानीय स्तर पर सीमित नहीं थी, बल्कि इसमें शामिल होने के लिए प्रदेश के कई अन्य जिलों से भी अभ्यर्थी रायबरेली पहुंचे थे। जौनपुर और अन्य दूरस्थ जनपदों से आए परीक्षार्थियों ने बताया कि वे एक दिन पहले ही सफर करके यहां पहुंचे थे, ताकि समय पर केंद्र पहुंच सकें। लेकिन 30 अक्टूबर को केंद्र के भीतर इस तरह की बुनियादी सुविधाओं का अभाव देखकर उन्हें भारी निराशा हुई। परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों का आरोप है कि परीक्षा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, फिर भी परीक्षा केंद्रों पर बेसिक सुविधाएं तक मुहैया नहीं कराई जातीं।

​वायरल वीडियो ने बढ़ाई हलचल

अंधेरे कमरे में परीक्षा दे रहे विद्यार्थियों का यह वीडियो जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वैसे ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। सोशल मीडिया यूजर्स और प्रतियोगी छात्रों ने इस अव्यवस्था पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

यह भी पढ़ेंः प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें किया याद