राहुल गांधी के खिलाफ तेलंगाना हाईकोर्ट के वकीलों का प्रदर्शन, न्यायपालिका पर टिप्पणी का आरोप
हैदराबाद: तेलंगाना हाईकोर्ट के वकीलों ने मंगलवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। वकीलों का आरोप है कि राहुल गांधी ने सोमवार को दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च के दौरान न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। इस विरोध प्रदर्शन में तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंद्र राव समेत कई लोग शामिल हुए।
न्यायपालिका के प्रति अनादर का आरोप
यह विरोध प्रदर्शन राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेताओं और समर्थकों द्वारा बाराखंबा रोड से सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए मार्च के बाद हुआ। इस मार्च के बाद 11 विपक्षी नेताओं ने चुनाव आयोग की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े फैसलों को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। विरोध प्रदर्शन में शामिल तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष रामचंद्र राव ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालकर और त्रुटिपूर्ण याचिका दायर करके न्यायपालिका के प्रति अनादर दिखाया है। उन्होंने कहा कि इससे न्यायिक प्रक्रियाओं में जनता के विश्वास को नुकसान पहुंच सकता है।
राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग
रामचंद्र राव ने कहा, “उन्हें न्यायपालिका के प्रति कोई सम्मान नहीं है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट तक रैली निकाली और एक बेहद गलत अर्जी दाखिल की। राहुल गांधी चाहते हैं कि लोग न्यायपालिका पर से विश्वास खो दें। उनकी केरल इकाई ने मुख्य न्यायाधीश के इस्तीफे की मांग की है। वे चुनाव आयोग, न्यायपालिका और भारत के राष्ट्रपति कार्यालय जैसी संवैधानिक संस्थाओं को बदनाम कर रहे हैं।” उन्होंने राहुल गांधी से पूरे न्यायिक समुदाय और सभी न्यायाधीशों से माफी मांगने की मांग की। राव ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए न्यायपालिका को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।
करुणा सागर ने कांग्रेस पर साधा निशाना
वरिष्ठ अधिवक्ता और भाजपा नेता करुणा सागर ने भी कांग्रेस और राहुल गांधी की संविधान संबंधी बयानबाजी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को संवैधानिक प्रावधानों को समझने के बाद ही मुख्य चुनाव आयुक्त के पद और उनकी नियुक्ति से जुड़े मुद्दों पर बयान देना चाहिए। सागर ने कहा, “कांग्रेस पार्टी और राहुल गांधी हमेशा भारत के संविधान का हवाला देते हैं; वे इसे कभी खोलकर पढ़ने की कोशिश नहीं करते। उन्हें पहले संविधान पढ़ना चाहिए। आप मुख्य चुनाव आयुक्त से, जो लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नहीं हैं, संवैधानिक रूप से नियुक्त हैं, पद छोड़ने की मांग नहीं कर सकते और आपको उन्हें पद से हटाने का कोई अधिकार नहीं है।”
विपक्ष के आंदोलन को बताया राजनीतिक नाटक
करुणा सागर ने विपक्ष के आंदोलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उसके पास कोई सबूत है, तो उसे अदालत, संसद और जनता के सामने पेश करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के नाम पर विपक्ष राजनीतिक नाटक कर रहा है। उन्होंने कहा, “अगर आपके पास कोई सबूत है, तो उसे भारत की जनता के सामने, अदालतों के सामने, संसद के सामने पेश कीजिए, लोकतंत्र बचाने के नाम पर दिखावा मत कीजिए। यह सब राजनीतिक नाटक है। आप लोकतंत्र नहीं बचा रहे हैं, आप संविधान नहीं बचा रहे हैं, आप उनकी हत्या कर रहे हैं।”
सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री को याचिका में मिलीं 14 खामियां
इस बीच, सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और इंडिया ब्लॉक के नौ अन्य नेताओं की ओर से दायर रिट याचिका में 14 खामियां बताई हैं। इस याचिका में चुनाव आयोग के जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के कुछ पहलुओं को चुनौती दी गई है।
(एएनआई)
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