इलाहाबाद हाईकोर्ट में वकीलों का भारी हंगामा और तोड़फोड़
लखनऊ (उत्तर प्रदेश)। इलाहाबाद हाईकोर्ट में न्यायमूर्ति अजय भनोट की अदालत को लेकर चल रहे विवाद के बीच बुधवार को भारी हंगामे और कोर्ट रूम नंबर 49 में तोड़फोड़ की बड़ी खबर सामने आई है। बताया जा रहा है कि इस तनावपूर्ण घटनाक्रम के दौरान सुरक्षा कर्मियों ने पूरी सतर्कता बरतते हुए न्यायमूर्ति अजय भनोट को पिछले दरवाजे से सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना के बाद से कोर्ट परिसर में वकीलों और न्यायिक अधिकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है, और इस पूरे मामले पर आधिकारिक बयान का अभी इंतजार किया जा रहा है।
विवाद की पृष्ठभूमि में पुलिस अधिकारी के बैठने का मामला
इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि में एक अधिवक्ता और अदालत में मौजूद पुलिस अधिकारी से जुड़ा एक वाकया बताया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद अदालत कक्ष में पुलिस अधीक्षक (SP) स्तर के एक अधिकारी के बैठने की जगह को लेकर शुरू हुआ था। आरोप है कि एक अधिवक्ता ने उस अधिकारी को निर्धारित सीट पर बैठने के लिए कहा था, जिसके बाद अपर महाधिवक्ता ने न्यायमूर्ति के समक्ष उस अधिवक्ता की औपचारिक शिकायत कर दी।
बार एसोसिएशन की आपत्ति और बहिष्कार की चेतावनी
इस शिकायत के बाद अधिवक्ता के साथ न्यायमूर्ति के कथित व्यवहार को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट बार एसोसिएशन ने कड़ी आपत्ति जताई थी। इसके तुरंत बाद, बार एसोसिएशन ने मुख्य न्यायाधीश को एक आधिकारिक पत्र लिखकर इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की थी और संतोषजनक कार्रवाई न होने की स्थिति में न्यायमूर्ति अजय भनोट की अदालत के अनिश्चितकालीन बहिष्कार की चेतावनी भी दी थी। इसी पृष्ठभूमि को इस हंगामे और बढ़ते विवाद का मुख्य कारण माना जा रहा है।
आधिकारिक बयानों और स्पष्ट तस्वीर का इंतजार
फिलहाल कोर्ट रूम नंबर 49 में हुए हंगामे और न्यायमूर्ति को पिछले दरवाजे से बाहर निकाले जाने की इस घटना पर प्रशासन या अदालत की तरफ से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस पूरे घटनाक्रम की वास्तविक और स्पष्ट तस्वीर संबंधित पक्षों, बार एसोसिएशन तथा न्यायालय के प्रशासनिक अधिकारियों के आधिकारिक बयानों के बाद ही पूरी तरह से सामने आ सकेगी। सुरक्षा के मद्देनजर अदालत परिसर में एहतियातन कड़ी नजर रखी जा रही है।