खनन कारोबारी के खदान में बिजली के करंट से मारा गया तेंदुआ, पंजों के 18 नाखून व चार दांत निकालने के निशान
Madhya Pradesh : यहां के खनन कारोबारी महेंद्र गोयनका की निसर्ग इस्पात फैक्ट्री परिसर में एक तेंदुआ मृत पाया गया। उसका रविवार को पोस्टमार्टम किया गया। पता चला कि उसकी मौत बिजली के करंट से हुई है। नानाजी देशमुख वेटनरी कॉलेज, स्कूल ऑफ वाइल्ड लाइफ की फारेंसिक प्रयोगशाला के अनुसार तेंदुए की मौत के बाद उसके पंजों के 18 नाखून और 4 कैनाइन दांत निकाल लिये गये हैं।
डीएफओ रिषी मिश्रा पोस्टमार्ट के बात तेंदुआ का शवदाह कर दिया गया। मामले में वन्यप्राणी जीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया है। कान्हा टाइगर रिजर्व से आये डाग स्कायड ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र का निरिक्षण किया। इसमें टाइगर स्ट्राइक फोर्स की भी मदद ली गई।
डीएफओ ने बताया कि सूचना के आधार पर घटनास्थल की खुदाई की गई। वहां पर जेसीबी से खुदाई में पांच जगह खुदाई की, जिसमें जंगली सुआर और तेंदुआ के शव मिले। मालूम हो कि मिसर्ग इस्पात प्राइवेट लिमिटेड 250 एकड़ में फैला है। इस मामले में डीएफओ ने लापरवाही बरतने पर दो कर्मचारी को निलंबित कर दिया है।
मामले में तीन आरोपियों कंपनी के मैनेजर अनुराग द्विवेदी, जेसीबी आपरेटर वृजेश विश्वकर्मा और कर्मचारी मोहित दहिया को गिरफ्तार किया गया है। मामले में तीन कर्मचारी को जेल भेज दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि वन विभाग कंपनी के मालिक महेंद्र गोयनका से भी पूछताछ करेगा। वन विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि निसर्ग इस्पात के कर्मचारी सुअरों का शिकार कर रहे हैं।
जांच में पता चला कि दो सुअरों को करंट लगाकर मारा गया और जेसीसी से खुदाई कर उसके शब को दबा दिया गया। मालूम हो कि जंगली सूअर के शिकार की बात पहले भी आशंका थी। 14 अक्टूबर को फैक्ट्री में जंगल से भटककर आये दो जंगली सूअरों का शिकार किया गया था। मामले में फैक्ट्री प्रबंधक भी जांच के घेरे में हैं।
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