उत्तराखंड के चंपावत जिले के गुमदेश क्षेत्र स्थित म

भैंस के बगल में घंटों बैठा रहा गुलदार, गौशाला में जंगल के मेहमान को देख गांव में मची दहशत

Leopard stays beside buffalo in cowshed

चंपावत (उत्तराखंड: उत्तराखंड के चंपावत जिले के गुमदेश क्षेत्र स्थित मानढुंगा गांव में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक गुलदार गांव की गौशाला में घुसकर भैंस के पास आराम से बैठा मिला। ग्रामीणों ने जब यह नजारा देखा तो पूरे गांव में दहशत फैल गई।

पशुओं के बदले व्यवहार से हुआ शक

जानकारी के अनुसार, गांव निवासी द्वारिका सिंह के परिवार के सदस्य पूर्वाह्न में पशुओं को चारा देकर लौट आए थे। दोपहर बाद जब जंगल से लौट रही गायें गौशाला के पास पहुंचीं तो उनका व्यवहार असामान्य नजर आया। पशु गौशाला के भीतर जाने से बच रहे थे और बेचैन दिखाई दे रहे थे। पशुओं की इस हरकत ने परिवार के लोगों को किसी अनहोनी की आशंका का संकेत दिया।

टॉर्च की रोशनी में दिखा चौंकाने वाला नजारा

शाम ढलने के बाद जब अंधेरा बढ़ा तो ग्रामीणों ने टॉर्च की रोशनी से गौशाला के भीतर देखा। वहां का दृश्य देखकर उनके होश उड़ गए। एक तरफ भैंस शांत बैठी थी, जबकि उसके ठीक बगल में एक गुलदार आराम से बैठा हुआ था। गुलदार की मौजूदगी देखकर परिवार के लोग घबरा गए और शोर मचाने लगे।

ग्रामीणों की भीड़ जुटी, जंगल की ओर भागा गुलदार

शोर सुनकर गांव के अन्य लोग भी मौके पर पहुंच गए। लोगों की आवाजाही और बढ़ती हलचल के बीच गुलदार गौशाला से निकलकर वापस जंगल की ओर भाग गया। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी व्यक्ति या पशु को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।

ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से गश्त बढ़ाने की मांग

मानढुंगा गांव की इस घटना ने एक बार फिर मानव-वन्यजीव संघर्ष की चुनौती को सामने ला दिया है। भैंस के बगल में घंटों तक बैठे गुलदार का यह नजारा ग्रामीणों के लिए किसी डरावने सपने से कम नहीं था। हालांकि इस बार बड़ा हादसा टल गया, लेकिन घटना के बाद पूरे गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम करने की मांग की है।

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