मुरादाबाद में तेंदुए का आतंक, घर के बाहर सो रहे किसान की ली जान
मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश)। में तेंदुए के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब तेंदुए के खेतों से निकलकर आबादी के आसपास पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत बढ़ गई है। ताजा मामला ठाकुरद्वारा तहसील क्षेत्र के बलिया गांव का है, जहां गांव के किनारे बने घर में सो रहे करीब 40 वर्षीय किसान जगराम सिंह को रात में तेंदुआ कथित तौर पर उठाकर ले गया।
सूचना मिलते ही गांव में मचा हड़कंप
सुबह ग्रामीणों ने खेत की तरफ जाकर देखा तो जगराम सिंह का शव पड़ा मिला। ग्रामीणों के मुताबिक, शव पर तेंदुए के हमले के निशान थे और उसे बुरी तरह नोचा गया था। घटना की सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से क्षेत्र में तेंदुए की लगातार आवाजाही बनी हुई है। पहले तेंदुए के हमले खेतों में होने की बात सामने आ रही थी, लेकिन अब आबादी के आसपास घटनाएं होने से लोगों का डर और बढ़ गया है।
22 दिनों में चार लोगों की मौत का दावा
ग्रामीणों के मुताबिक, 3 अगस्त से क्षेत्र में तेंदुए के हमलों का सिलसिला जारी है। 3 अगस्त को 45 वर्षीय संतोष देवी की मौत की घटना सामने आई थी। इसके बाद 18 अगस्त को 60 वर्षीय विरमा देवी और 25 अगस्त को 45 वर्षीय मिथलेश देवी की तेंदुए के हमले में मौत होने का दावा किया गया। अब 29 अगस्त की रात किसान जगराम सिंह की मौत से ग्रामीणों में दहशत और गहरा गई है।
वन विभाग की कार्रवाई पर ग्रामीणों में नाराजगी
लगातार हो रही घटनाओं के बीच ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग अब तक क्षेत्र में कई तेंदुओं को पकड़ चुका है, लेकिन जिस तेंदुए को इन हमलों के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है, उसकी पहचान और पकड़ने को लेकर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है।
मौके पर कार्रवाई को लेकर ग्रामीण संतुष्ट नहीं
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि वन विभाग की टीमें लालापुर पीपलसाना स्थित विश्नोई धर्मशाला में रुकी हुई हैं, लेकिन मौके पर कार्रवाई को लेकर ग्रामीण संतुष्ट नहीं हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी या मीडिया के पहुंचने पर ही टीमें सक्रिय नजर आती हैं।
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