शाजापुर के तिंगजपुर शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्याल

सरकारी स्कूल में आठवीं क्लास के बच्चे भी नहीं पढ़ पाए साधारण हिंदी, स्कूल परिसर में मिलीं शराब की बोतलें

आठवीं क्लास के बच्चे भी नहीं पढ़ पाए हिंदी

शाजापुर: जिले के तिंगजपुर शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय में उस वक्त शिक्षा व्यवस्था की लाचारी उजागर हो गई, जब शनिवार को सहायक संचालक एवं डीपीसी राजेंद्र शिप्रे औचक निरीक्षण करने पहुंचे। निरीक्षण के दौरान बच्चों के घटते शैक्षणिक स्तर को देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। कक्षा तीसरी की एक छात्रा हिंदी भाषा के बुनियादी अक्षर 'बा' और 'भा' तक नहीं पढ़ सकी। 

आठवीं के कई छात्र हिंदी पढ़ने में पूरी तरह असमर्थ

मामला सिर्फ प्राथमिक कक्षाओं तक सीमित नहीं था, कक्षा आठवीं के कई छात्र भी साधारण हिंदी पढ़ने में पूरी तरह असमर्थ पाए गए। शिक्षा के इस लचर ढर्रे पर कड़ी नाराजगी जताते हुए डीपीसी ने मौके पर मौजूद शिक्षकों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने अध्यापकों को कड़े निर्देश दिए कि वे औपचारिकताएं छोड़कर बच्चों को बिल्कुल शुरुआती और मूलभूत बेसिक स्तर से पढ़ाना शुरू करें, ताकि उनके शैक्षणिक स्तर में सुधार आ सके।

स्कूल परिसर के चारों ओर था गंदगी का अंबार

अधिकारियों के निरीक्षण में सिर्फ पढ़ाई का स्तर ही नहीं, बल्कि स्कूल का माहौल भी बेहद चिंताजनक मिला। विद्यालय परिसर में चारों ओर गंदगी का अंबार था और जगह-जगह शराब की खाली बोतलें बिखरी पड़ी थीं। बच्चों के प्रांगण में शराब की बोतलें मिलने पर डीपीसी ने गहरी नाराजगी जताई। स्कूल के आसपास बेखौफ जारी अवैध शराब बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए अधिकारी ने जिला कलेक्टर और आबकारी विभाग को तुरंत कड़े कदम उठाने के लिए पत्र लिखने की बात कही है। इस कार्रवाई के बाद से स्थानीय शिक्षा विभाग और स्कूल स्टाफ में हड़कंप मचा हुआ है। 

ये भी पढ़ें- शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं का जायजा लेने ग्रामीण स्कूलों में पहुंचे DM