महाराष्ट्र के कल्याण में आइसक्रीम क्रेट में दिखा जिंदा चूहा, फूड हाइजीन पर उठे सवाल
कल्याण (महाराष्ट्र)। महाराष्ट्र के कल्याण से ऑनलाइन फूड डिलीवरी की साफ-सफाई और खाद्य सुरक्षा को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। गोदरेज हिल इलाके में एक क्विक-कॉमर्स डिलीवरी हब में आइसक्रीम के क्रेट के अंदर जिंदा चूहा दिखाई देने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो सामने आने के बाद ग्राहकों में नाराजगी है, वहीं फूड स्टोरेज और हाइजीन मानकों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
फ्रोजन सामान के आसपास घूमते दिखे चूहे, सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल
एक बड़ी क्विक-कॉमर्स कंपनी के लोकल फुलफिलमेंट यूनिट के अंदर शूट किए गए इस वीडियो में चूहों को फ्रोजन सामान के आस-पास घूमते हुए देखा जा सकता है। इस घटना से ऑनलाइन ग्रॉसरी खरीदने वाले लोगों में काफ़ी गुस्सा और चिंता है, और फ़ास्ट-डिलीवरी हब में साफ-सफाई के तरीकों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
FDA और म्युनिसिपल अधिकारियों से जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग
वहाँ के लोग और ग्राहक अब फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) और म्युनिसिपल अधिकारियों पर नजर रखे हुए हैं और फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड का उल्लंघन करने के लिए उस फैसिलिटी के खिलाफ तुरंत जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मलाड की कंपनी का फूड लाइसेंस पहले हो चुका है सस्पेंड
इससे पहले, महाराष्ट्र के फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने मलाड स्थित एक कंपनी का फ़ूड लाइसेंस सस्पेंड कर दिया था। जांच में गंभीर उल्लंघन पाए गए थे, जैसे साफ-सफाई की कमी, बड़ी संख्या में चूहों का होना और फुड सेफ्टी नियमों का पालन न करना। यह जांच 7 अगस्त को मुंबई के मलाड (पश्चिम) में रामचंद्र लेन स्थित सर्वोदय भवन में मौजूद फ़ैसिलिटी में फ़ूड सेफ्टी अधिकारियों ने की थी।
छापे में खराब स्टोरेज से लेकर एक्सपायर्ड सामान तक मिलीं खामियां
छापे के दौरान, अधिकारियों को कई कमियां मिलीं, जैसे सामान को ठीक से न रखना, दूषित रैक या सीधे फर्श पर खाने की चीजें रखना, कोल्ड-स्टोरेज फैसिलिटी का ठीक से रखरखाव न होना, और एक्सपायर्ड, खराब या छेड़छाड़ किए गए पैक्ड सामान का मिलना।
चूहे और कचरा प्रबंधन समेत हेल्थ रिकॉर्ड पर FDA ने उठाए सवाल
इसके अलावा, FDA ने कीड़ों और चूहों को रोकने के असरदार तरीकों की कमी, कचरा प्रबंधन के खराब तरीके, ठीक से रखरखाव न होना और फूड हैंडलर्स की मेडिकल जांच और हेल्थ डॉक्यूमेंटेशन से जुड़े रिकॉर्ड न होने जैसी बातों पर भी सवाल उठाए। नियमों के उल्लंघन को देखते हुए, 'फ़ूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006' की धारा 32(3) और 'फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (फूड बिजनेस की लाइसेंसिंग और रजिस्ट्रेशन) रेगुलेशंस, 2011' के संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू की गई।
फूड लाइसेंस सस्पेंड, कारोबार जारी रखने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
इस यूनिट का फूड लाइसेंस 27 जुलाई, 2026 से तत्काल प्रभाव से और अगले आदेश तक सस्पेंड कर दिया गया है। सस्पेंशन की अवधि के दौरान इस प्रतिष्ठान को फूड प्रोडक्ट्स बेचने, बांटने या उनसे जुड़ा कोई भी कारोबार करने से रोक दिया गया है। रेगुलेटर ने चेतावनी दी है कि अगर इस अवधि के दौरान प्रतिष्ठान का कामकाज जारी रहता है, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। (Source: ANI)
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