L&T ने भारतीय सेना के लिए शुरू किया BvS10 'सिंधु' ATVs का उत्पादन, चीन और पाकिस्तान की सीमाओं पर होंगे तैनात
हजीरा (गुजरात)। लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और BAE सिस्टम्स ने बुधवार को गुजरात के सूरत स्थित हजीरा में भारतीय सेना के लिए 'BvS10 सिंधु' (BvS10 Sindhu) आर्टिकुलेटेड ऑल-टेरेन वाहनों (ATVs) का उत्पादन आधिकारिक रूप से शुरू कर दिया है। भारतीय सेना ने ऐसे कुल 18 वाहनों का ऑर्डर दिया है, जिन्हें देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए लद्दाख और कच्छ क्षेत्र की संवेदनशील सीमाओं पर तैनात किया जाएगा। यह उत्पादन दोनों कंपनियों के बीच रक्षा क्षेत्र में एक लंबी और मजबूत साझेदारी की एक महत्वपूर्ण शुरुआत का प्रतीक है।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के लिए विशेष डिज़ाइन
इन अत्याधुनिक वाहनों को लद्दाख में 18,000 फीट तक की अत्यधिक ऊंचाई पर होने वाले सैन्य अभियानों में मदद देने के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इन इलाकों में कड़ाके की ठंड और भारी बर्फबारी के दौरान तापमान शून्य से 55 डिग्री सेल्सियस नीचे तक गिर जाता है। इसके अलावा, कच्छ के दलदली इलाकों, रेगिस्तानी क्षेत्रों और 'ग्रेट रन' (Great Rann) में सैनिकों की गश्त को आसान बनाने के लिए भी इनका इस्तेमाल किया जाएगा, जहां गर्मियों के दौरान तापमान 55 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
L&T अधिकारी ने साझेदारी को बताया ऐतिहासिक अवसर
L&T प्रिसिजन इंजीनियरिंग के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट और प्रमुख, अरुण रामचंदानी ने इस उत्पादन की शुरुआत को BAE सिस्टम्स के साथ एक दीर्घकालिक और ऐतिहासिक साझेदारी बताया है। उन्होंने कहा कि 2023 में इस समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद से दोनों टीमों ने काफी लंबा सफर तय किया है और यहां तक पहुंचने के लिए एक-दूसरे पर गहरा विश्वास होना जरूरी था। रामचंदानी ने इंजीनियरिंग उत्कृष्टता और कार्यस्थल की सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि यह वाहन कच्छ के रेगिस्तानों से लेकर लेह की बर्फीली ऊंचाइयों तक, भारतीय सशस्त्र बलों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।
BAE सिस्टम्स ने वाहनों की कार्यक्षमता और मोबिलिटी की सराहना की
BAE सिस्टम्स हैग्लंड्स (BAE Systems Hägglunds) के अध्यक्ष टॉमी गुस्ताफसन-रास्क ने बताया कि BvS10 को कई देशों की सेनाओं द्वारा तैनात किया जा चुका है और इसने युद्ध की कठिन स्थितियों में अपनी क्षमताओं को साबित किया है। उन्होंने इसके पूर्व मॉडल Bv206 की सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि वर्तमान BvS10 की करीब 2,500 यूनिट्स पहले से उपयोग में हैं। उन्होंने भारत के अलग-अलग इलाकों का हवाला देते हुए कहा कि ऊंचाई वाले बर्फीले पहाड़ों, दलदली जमीन और पानी में तैरने की क्षमता के साथ यह वाहन सैनिकों की सुरक्षा और मोबिलिटी दोनों मोर्चों पर पूरी तरह खरा उतरता है।
यूक्रेन संघर्ष में मिला सकारात्मक फीडबैक और रणनीतिक साझेदारी
यूक्रेन में चल रहे संघर्ष के दौरान इस वाहन के प्रदर्शन पर बात करते हुए गुस्ताफसन-रास्क ने बताया कि वहां इसकी बहुत कम यूनिट्स का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन कंपनी को इसको लेकर बेहद सकारात्मक फीडबैक मिला है। उन्होंने L&T के साथ इस सहयोग को एक रणनीतिक साझेदारी करार दिया और भारतीय कंपनी की हाई-क्वालिटी इंजीनियरिंग क्षमताओं, उत्पादन बुनियादी ढांचे तथा सुरक्षा मानकों की जमकर तारीफ की। अधिकारियों का मानना है कि यह प्रोजेक्ट भारत की रक्षा निर्माण क्षमताओं को और अधिक गति प्रदान करेगा। (Source: ANI)
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