लंपी से बचाव के लिए राजस्थान में 1.20 लाख पशुओं को

लंपी से बचाव का महाअभियान शुरू, 1.20 लाख पशुओं को लगेंगे मुफ्त टीके

लंपी से बचाव का महाअभियान शुरू

डीडवाना-कुचामन (राजस्थान): बरसात के मौसम में तेजी से फैलने वाली लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) से पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए जिले में पशुपालन विभाग ने आज से विशेष टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। जिले को राज्य सरकार द्वारा 1 लाख 20 हजार लंपी वैक्सीन डोज उपलब्ध करवाई गई हैं, जिनके माध्यम से 24 जून से 24 अगस्त तक जिलेभर में व्यापक स्तर पर निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। अभियान के तहत पशुपालन विभाग की टीमें घर-घर पहुंचकर गौवंश सहित पात्र पशुओं का टीकाकरण करेंगी।

लंपी बीमारी से प्रदेश में होते हैं हजारों पशु प्रभावित

पशुपालन विभाग कुचामन सिटी के वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश चौधरी ने बताया कि वर्ष 2022 और 2023 के दौरान लंपी बीमारी ने प्रदेश सहित जिले में हजारों पशुओं को प्रभावित किया था, जिससे पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। पिछले अनुभवों को देखते हुए विभाग ने इस बार मानसून से पहले ही व्यापक तैयारी कर ली है, ताकि संक्रमण फैलने से पूर्व पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित की जा सके।

दो माह तक चलेगा विशेष अभियान

उन्होंने बताया कि जिले को प्राप्त 1.20 लाख वैक्सीन डोज के आधार पर आगामी दो माह तक विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। इसके लिए जिलेभर में 240 टीकाकरण केंद्र बनाए गए हैं तथा पशुपालन विभाग के चिकित्सकों, पशुधन सहायकों और फील्ड कार्मिकों की विशेष टीमें गठित की गई हैं, जो निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गांव-गांव जाकर टीकाकरण का कार्य करेंगी।

मच्छरों, मक्खियों तथा अन्य रक्त चूसने वाले कीटों के माध्यम से फैलता है लंपी

डीडवाना-कुचामन के पशुपालन विभाग में उप निदेशक डॉ. भगत सिंह ने बताया कि लंपी स्किन रोग एक संक्रामक वायरल बीमारी है, जो मुख्य रूप से मच्छरों, मक्खियों तथा अन्य रक्त चूसने वाले कीटों के माध्यम से फैलती है। बरसात के मौसम में इन कीटों की संख्या बढ़ने से संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में समय पर लगाया गया टीका पशुओं को बीमारी से बचाने का सबसे प्रभावी और सुरक्षित उपाय है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पूरे राजस्थान में एक करोड़ से अधिक पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। वहीं डीडवाना-कुचामन जिले में प्रारंभिक रूप से 1 लाख 20 हजार पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त वैक्सीन की व्यवस्था कर अधिक पशुओं को भी टीका लगाया जाएगा।

पशुओं का होगा पंजीयन

अभियान के दौरान पशु चिकित्सा विभाग की टीमें प्रत्येक ग्राम पंचायत में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार पहुंचकर पशुओं का पंजीयन करेंगी तथा मौके पर ही निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य जिले के अधिकतम पशुधन को सुरक्षा कवच प्रदान कर लंपी संक्रमण को फैलने से रोकना और जिले को लंपी मुक्त बनाए रखना है।

सभी पात्र पशुओं को समय पर टीका लगाने की अपील

पशुपालन विभाग ने पशुपालकों से अपील की है, कि वे अपने सभी पात्र पशुओं का समय पर टीकाकरण अवश्य करवाएं। इसके साथ ही पशु बाड़ों की नियमित सफाई रखें, मच्छर एवं मक्खियों की रोकथाम के लिए कीटनाशकों का छिड़काव करें तथा किसी पशु में बुखार, शरीर पर गांठें, आंखों या नाक से स्राव जैसे लंपी के लक्षण दिखाई देने पर उसे अन्य पशुओं से अलग रखते हुए तुरंत निकटतम पशु चिकित्सालय या विभागीय अधिकारियों को सूचना दें। विशेषज्ञों का मानना है, कि समय पर टीकाकरण और सतर्कता बरतकर लंपी जैसी गंभीर बीमारी पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। ऐसे में यह दो माह का अभियान जिले के पशुधन और पशुपालकों की आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 

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