लक्ष्मीपुर प्रखंड के हिरम्बा गांव में पिछले दो दिन

जमुई में बेकाबू घोड़े का आतंक, रिटायर्ड इंस्पेक्टर समेत 6 लोगों पर हमला कर किया घायल

Mad Horse Terrorizes Jamui Village, Over Half a Dozen Injured

जमुई (बिहार)। जमुई जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड अंतर्गत हिरम्बा गांव में पिछले दो दिनों से भटक रहे एक बेकाबू घोड़े ने पूरे गांव में दहशत फैला दी है। घोड़े ने सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर सहित आधा दर्जन लोगों पर हमला कर उन्हें गभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।

कई लोग गंभीर रूप से घायल

घायलों में सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर विजय कुमार मिश्रा, रघुनंदन मिश्रा, भगवती देवी, अभिलाषा चंद्र समेत अन्य ग्रामीण शामिल हैं। इनमें चार लोगों की हालत गंभीर होने पर गुरुवार को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए निजी क्लिनिक रेफर कर दिया गया। ग्रामीणों के अनुसार, घोड़ा किसी का पालतू जानवर है, लेकिन यह किस गांव से भटककर आया है, इसकी जानकारी अब तक नहीं मिल सकी है।

मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग पर हमला

बताया जा रहा है कि वह आदमी को देखते ही हमला कर देता है। सबसे पहले सुबह मॉर्निंग वॉक पर निकले सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर विजय कुमार मिश्रा पर घोड़े ने हमला कर दिया। काफी देर तक उनके और घोड़े के बीच संघर्ष होता रहा। इस दौरान घोड़े ने उनके शरीर के कई हिस्सों पर काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया। हमले के दौरान भगवती देवी भी घोड़े की चपेट में आ गईं। घोड़े ने उनके कान पर हमला कर उसे गंभीर रूप से जख्मी कर दिया।

वन विभाग ने झाड़ा पल्ला

इसके अलावा अभिलाषा चंद्र और अन्य ग्रामीणों पर भी घोड़े ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया। घटना की सूचना स्थानीय थाना पुलिस और वन विभाग को दी गई। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की टीम ने यह कहकर कार्रवाई से इनकार कर दिया कि घोड़ा पालतू जानवर है और उसे पकड़ना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता।

घोड़े के पागल होने की आशंका

वहीं ग्रामीणों का कहना है कि घोड़ा असामान्य व्यवहार कर रहा है और संभवतः पागल हो चुका है। इससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। घोड़े के आतंक से पूरे गांव में भय का माहौल है। लोग बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं और रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर घोड़े को पकड़ने तथा गांव को सुरक्षित करने की मांग की है।

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