मधेपुरा जिले में प्रोन्नति, ऐच्छिक स्थानांतरण और प

मधेपुरा में शिक्षकों का प्रदर्शन, वेतन और प्रोन्नति की मांग पर विधानसभा घेराव की चेतावनी

Madhhepura Teachers Protest Over Salary Delay, Warn of Assembly Gherao

मधेपुरा (बिहार)। मधेपुरा जिले में प्रोन्नति, ऐच्छिक स्थानांतरण और पिछले चार महीनों से लंबित वेतन भुगतान की मांग को लेकर बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने जिला मुख्यालय में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने सरकार और शिक्षा विभाग पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव किया जाएगा।

भीषण गर्मी में भी बड़ी संख्या में शिक्षक पहुंचे धरना स्थल

दरअसल मधेपुरा जिला मुख्यालय स्थित कला भवन परिसर में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षक पहुंचे। भीषण गर्मी के बावजूद शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष भुवन कुमार ने किया।

चार महीने से वेतन नहीं, प्रदेश अध्यक्ष ने सरकार को घेरा

धरने को संबोधित करते हुए संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने कहा कि बच्चों को शिक्षित करने वाले शिक्षक ही आज सबसे अधिक उपेक्षा के शिकार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नियोजित शिक्षकों को वर्षों से प्रोन्नति और ऐच्छिक स्थानांतरण के अधिकार से वंचित रखा गया है, जबकि इसके लिए नियमावली में स्पष्ट प्रावधान मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि चार महीने तक वेतन नहीं मिलना शिक्षकों के साथ अन्याय है और सरकार के दावों की पोल खोलता है।

पुरानी पेंशन और कैशलेस इलाज सहित कई बड़ी मांगें

शिक्षक नेताओं ने मांग की कि नियोजित, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक को पूर्ण वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। साथ ही हर महीने की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित किया जाए। शिक्षकों ने लंबित एरियर भुगतान, ईपीएफ लाभ, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति और सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष करने जैसी मांगें भी उठाईं। संघ का कहना है कि विभागीय उदासीनता के कारण शिक्षक आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया और सभी शिक्षक संगठनों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।

मांगें नहीं मानी गईं तो विधानसभा घेराव का ऐलान

शिक्षक संघ ने साफ कर दिया है कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। संघ ने मॉनसून सत्र के दौरान बिहार विधानसभा घेराव की चेतावनी देते हुए कहा कि अब शिक्षक अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। फिलहाल शिक्षकों की इस चेतावनी के बाद सरकार और शिक्षा विभाग का क्या रुख रहता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।

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