भोपाल। मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच रेल कनेक्टिव

खुशखबरी...मप्र और राजस्थान के बीच सन् 2026 के अंत तक शुरू होगी सपनों की ट्रेन

Indore To Rajasthan

भोपाल। ​मध्य प्रदेश और राजस्थान के बीच रेल कनेक्टिविटी को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भोपाल-रामगंज मंडी नई रेल लाइन परियोजना का काम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। रेल विभाग के अनुसार, सन् 2026 के अंत तक प्रदेश के कई ऐसे दुर्गम और दूरदराज के इलाकों में पहली बार ट्रेन पहुंचेगी, जहाँ आजादी के बाद से अब तक पटरी नहीं बिछी थी।

​ग्रामीण व पहाड़ी इलाकों को जोड़ेगी

इस परियोजना के तहत मुगलिया हाट, दुराहा और श्यामपुर जैसे स्टेशनों को मुख्य रेल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है। इन ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के निवासियों के लिए यह एक ऐतिहासिक सौगात होगी। वर्तमान में भोपाल से कोटा/राजस्थान जाने के लिए यात्रियों को नागदा-उज्जैन या बीना मार्ग का उपयोग करना पड़ता है। नई रेल लाइन शुरू होने से यह दूरी लगभग 100 किलोमीटर कम हो जाएगी और यात्रियों के 2 से 3 घंटे बचेंगे।

रेल सुरक्षा आयुक्त ने किया निरीक्षण

​सुरक्षा और स्पीड ट्रायल: हाल ही में कोटा रेल मंडल के अंतर्गत खिलचीपुर से राजगढ़ सिटी (17.8 किमी) खंड का रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) द्वारा निरीक्षण किया गया है। इस दौरान 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से सफल स्पीड ट्रायल भी किया गया।

​परियोजना इसलिए भी महत्वपूर्ण

यह लाइन मध्य प्रदेश के भोपाल, सीहोर और राजगढ़ जिलों को राजस्थान के झालावाड़ और कोटा से सीधे जोड़ेगी। इस रूट के शुरू होने से न केवल यात्री यातायात सुगम होगा, बल्कि माल ढुलाई (खासकर कोयला परिवहन) में भी बड़ी बचत होगी। झालावाड़ स्थित कालीसिंध थर्मल पावर प्लांट के लिए कोयले का मार्ग 42 किमी छोटा हो जाएगा।

भोपाल व कोटा रेल मंडल में काम तेज

​लागत: लगभग 3035 करोड़ रुपये की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर भोपाल और कोटा दोनों रेल मंडल तेजी से काम कर रहे हैं। ब्यावरा-राजगढ़ और सोनकच्छ सेक्शन में ट्रैक बिछाने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। रेलवे का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक इस रूट पर नियमित ट्रेनें शुरू कर दी जाएं, जिससे लाखों यात्रियों का सफर आसान और सस्ता हो जाएगा।

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