मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य-स्तरीय टाइगर कॉरिडोर विकसित करेगा
MP News : एजेंसीस, भोपाल। मध्य प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने कहा है कि राज्य राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सहयोग से देश का पहला राज्य-स्तरीय, बहु-राष्ट्रीय उद्यान टाइगर कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। मंत्री सिंह ने गुरुवार को भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। कहा, यह कॉरिडोर आधुनिक अवसंरचना को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ जोड़ने का एक मॉडल बनेगा।
टाइगर कॉरिडोर की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए मंत्री सिंह ने कहा, “यह देश का पहला राज्य-स्तरीय बहु-राष्ट्रीय उद्यान टाइगर कॉरिडोर है, जिसे एनएचएआई और लोक निर्माण विभाग के समन्वय से विकसित किया जा रहा है। इसमें वन क्षेत्रों में अंडरपास, धीमी गति वाले यातायात क्षेत्र और वन्यजीव-सुरक्षित डिज़ाइन शामिल होंगे, ताकि बाघों की आवाजाही, पर्यटन और स्थानीय संपर्क के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके। इससे ईको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
सड़कें आवागमन के साथ विकास की नींव
मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश की सड़कें अब केवल आवागमन का साधन नहीं रहीं, बल्कि आर्थिक विकास, निवेश और नए अवसरों की मजबूत नींव बन गई हैं। उन्होंने 2025 से 2028 तक के अगले तीन वर्षों के लिए एक महत्वाकांक्षी रोडमैप भी प्रस्तुत किया, जिसके तहत कुल 3,368 किलोमीटर लंबाई की छह प्रमुख एक्सप्रेसवे और प्रगतिपथ परियोजनाओं का निर्माण किया जाएगा।
परियोजना में कई विकास पथ
इन परियोजनाओं में नर्मदा प्रगतिपथ, विंध्य एक्सप्रेसवे, मालवा-निमाड़ विकासपथ, अटल प्रगतिपथ, बुंदेलखंड विकासपथ और मध्य भारत विकासपथ शामिल हैं। इन सभी परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत 36,483 करोड़ रुपये है और अधिकांश परियोजनाओं को जून 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।मंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं यात्रा समय को उल्लेखनीय रूप से कम करेंगी, सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाएंगी और राज्य भर में औद्योगिक, कृषि तथा पर्यटन गतिविधियों को नई गति प्रदान करेंगी।
1 लाख करोड़ का एमएयू
एनएचएआई के साथ 1 लाख करोड़ रुपये का एक एमओयू हस्ताक्षरित किया गया है, जिसके तहत राज्य में 948 किलोमीटर नए राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 28,000 करोड़ रुपये के कार्यों को स्वीकृति दी गई है। इससे अंतरराज्यीय संपर्क, लॉजिस्टिक्स दक्षता और औद्योगिक निवेश की संभावनाएं सुदृढ़ होंगी
चार रोपवे के लिए एमओयू
उन्होंने यह भी बताया कि मध्य प्रदेश सरकार ने भारत सरकार की नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) के साथ राज्य में चार रोपवे के निर्माण के लिए एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इनमें से उज्जैन में रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक रोपवे का निर्माण कार्य प्रगति पर है।मंत्री सिंह ने कहा, “पिछले दो वर्षों में हमने तेज गति से काम किया है और केवल 2024-25 में ही लगभग 10,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण 17,284 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इसके अतिरिक्त, राज्य में 6,627 करोड़ रुपये की लागत से 739 भवनों का निर्माण किया गया है।
अगले तीन वर्ष में कई हाईब्रिड एन्यूटी मॉडल प्रस्तावित
उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल के तहत कई पहलें प्रस्तावित हैं। केवल अगले छह महीनों में ही 285 किलोमीटर लंबाई की पांच प्रमुख परियोजनाएं, जिनकी अनुमानित लागत 15,000 करोड़ रुपये है, प्रस्तावित की गई हैं। इनसे क्षेत्रीय स्तर पर लॉजिस्टिक्स, कृषि और व्यापार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा, अगले तीन वर्षों में 11,310 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली 822 नई ग्रामीण सड़कों का निर्माण किया जाएगा, ताकि मध्य प्रदेश का हर गांव राष्ट्रीय और वैश्विक बाजारों से जुड़ सके।
लोकपथ ऐप-2 लांच होग
मंत्री ने यह भी जोर देकर कहा कि जल्द ही लोकपथ ऐप 2 लॉन्च किया जाएगा, जो मार्गों, टोल प्लाजा और रास्ते में स्थित पुलिस थानों की जानकारी प्रदान करेगा। इसके साथ ही, यदि किसी मार्ग पर कोई ब्लैक स्पॉट होगा तो यात्रियों को पहले ही अलर्ट भेजा जाएगा।राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण निर्माण, समयबद्ध क्रियान्वयन और उन्नत तकनीक के उपयोग के लिए प्रतिबद्ध है तथा लोक निर्माण विभाग का दूरदर्शी रोडमैप राज्य में गति, सुरक्षा और समृद्धि के नए युग की नींव रखेगा।
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