मध्यप्रदेश: नरसिंहपुर जेल में महिला बंदियों ने बनाई मनमोहक राखियां, हुनर से दिया सकारात्मकता का संदेश
नरसिंहपुर (मध्य प्रदेश)। जिले में रक्षाबंधन के पावन पर्व को लेकर जिले भर में इस समय छोटे बड़े दुकानदारों के द्वारा रंग बिरंगी राखियों की दुकाने सजाई जा रही है तो वहीं केंद्रीय जेल नरसिंहपुर की चारदीवारी में भी इन दिनों रचनात्मकता, आत्मीयता और सकारात्मक बदलाव का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। जहा जेल में बंद लगभग 10 से 15 महिला बंदी पूरी तन्मयता के साथ स्नेह की डोर यानी मनमोहक राखियां तैयार कर रही हैं। सलाखों के पीछे रहकर भी ये महिलाएं अपने हुनर के जरिए त्योहार की उमंग से जुड़ रही हैं और समाज को सकारात्मकता का संदेश दे रही हैं।
महिला बंदियों द्वारा तैयार की जा रही राखियां
महिला बंदियों द्वारा तैयार की जा रही राखियों में पारंपरिक और आधुनिक कला का सुंदर तालमेल नजर आ रहा है। वे रेशम के चमकीले धागों वाली पारंपरिक राखियों के साथ-साथ सादा (सिंपल), मोतियों से सजी और बच्चों को लुभाने वाली 'भाई-ब्रदर' लिखी कलात्मक राखियां बना रही हैं। वहीं जेल के पुरुष बंदी भी अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए जूट और लकड़ी से आकर्षक हस्तनिर्मित सामग्रियां बना रहे हैं, जिसे कोई भी भाई रक्षाबंधन पर अपनी बहन को उपहार स्वरूप भेंट कर सकता है।
जेल प्रशासन द्वारा लगाए गए विशेष स्टॉल
बंदियों द्वारा गढ़े गए इस हुनर और उत्पादों को आम नागरिकों तक पहुंचाने के लिए जेल प्रशासन द्वारा परिसर के बाहर एक विशेष स्टॉल लगाया जा रहा है। इस स्टॉल के माध्यम से शहरवासी बंदियों की बनाई राखियां व अन्य कलात्मक सामग्री उचित मूल्य पर खरीद सकेंगे। इसके अलावा रक्षाबंधन के दिन अपने बंदी भाइयों को राखी बांधने आने वाली वहनों की सुविधा के लिए भी जेल परिसर में विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
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