महाराष्ट्र FDA ने खाद्य सुरक्षा उल्लंघनों के चलते

महाराष्ट्र FDA की बड़ी कार्रवाई, Domino's के 4 आउटलेट्स के लाइसेंस निलंबित

Maharashtra FDA suspends licenses of 4 Dominos outlets (File Photo)

मुंबई: महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मंगलवार को जुबिलेंट फूडवर्क्स लिमिटेड द्वारा संचालित डोमिनोज पिज्जा के चार आउटलेट्स के खाद्य व्यवसाय लाइसेंस निलंबित कर दिए। निरीक्षणों में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता संबंधी कई उल्लंघन पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। प्रभावित आउटलेट्स मुंबई के विले पार्ले पश्चिम, बोरीवली पश्चिम, घाटकोपर स्थित आर-सिटी मॉल और सतारा के कराड स्थित मलाकापुर में हैं। 

खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर FDA की बड़ी कार्रवाई

FDA के अनुसार, इन आउटलेट्स में अपर्याप्त स्वच्छता, कीट नियंत्रण संबंधी समस्याएं, अनुचित खाद्य भंडारण, तापमान निगरानी की कमी, कच्चे और तैयार खाद्य पदार्थों के बीच पृथक्करण का अभाव और अपूर्ण खाद्य सुरक्षा रिकॉर्ड पाए गए। यह नियामक कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक (खाद्य व्यवसायों का लाइसेंस और पंजीकरण) विनियम, 2011 के तहत की गई है। इससे पहले महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने आयुर्वेदिक दवा निर्माताओं के खिलाफ राज्यव्यापी कार्रवाई शुरू की थी, क्योंकि निरीक्षणों में कई प्रतिष्ठानों में निर्धारित विनिर्माण और गुणवत्ता नियंत्रण मानकों के गंभीर उल्लंघन पाए गए थे।

महाराष्ट्र में 434 आयुर्वेदिक दवा निर्माताओं का निरीक्षण

एफडीए ने महाराष्ट्र राज्यव्यापी निरीक्षण अभियान के तहत पूरे राज्य में आयुर्वेदिक औषधि निर्माण के 434 लाइसेंस प्राप्त प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस निरीक्षण का उद्देश्य औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम, 1940, औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन नियम, 1945 और अनुसूची टी (जो आयुर्वेदिक, सिद्ध और यूनानी औषधियों के लिए उत्तम विनिर्माण प्रथाओं (जीएमपी) की आवश्यकताओं को निर्धारित करती है) के अनुपालन का आकलन करना था। निरीक्षण के बाद विभिन्न उल्लंघनों और नियमों का पालन न करने के मामलों में 135 निर्माताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए। 

गंभीर खामियों पर 10 आयुर्वेदिक दवा निर्माताओं के लाइसेंस रद्द

प्रतिष्ठानों को निरीक्षण के दौरान पाए गए उल्लंघनों का स्पष्टीकरण देने और निर्धारित आवश्यकताओं का अनुपालन करने का निर्देश दिया गया है। सबसे गंभीर मामलों में एफडीए ने 10 आयुर्वेदिक औषधि निर्माताओं के विनिर्माण लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए हैं, क्योंकि उनमें ऐसे गंभीर उल्लंघन पाए गए थे जो दवाओं की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता को प्रभावित कर सकते हैं और जन स्वास्थ्य के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं। 

तकनीकी स्टाफ और जरूरी उपकरणों की कमी पर महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान पाए गए उल्लंघनों में योग्य या अनुमोदित तकनीकी कर्मियों की अनुपस्थिति और सक्षम तकनीकी कर्मचारियों के बिना विनिर्माण कार्य करना शामिल था। कई प्रतिष्ठानों में गुणवत्ता नियंत्रण विभाग भी निष्क्रिय पाए गए और विनिर्माण एवं परीक्षण के लिए आवश्यक मशीनरी और उपकरणों का अभाव था। दवा की गुणवत्ता, सुरक्षा और प्रभावकारिता के दृष्टिकोण से उल्लंघन को अत्यंत गंभीर मानते हुए महाराष्ट्र एफडीए के आयुर्वेदिक लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा यह कार्रवाई का आदेश दिया गया था। 

(इनपुट: ANI)

ये भी पढ़ें- डिंडौरी की ‘पार्वती मैडम’ ने जीता दिल, बिना वेतन बच्चों को पढ़ा रही गांव की बहू