बुरहानपुर। कानून और पुलिसिया जांच को हैरान कर देने

महाराष्ट्र पुलिस ने सिर कटी और जली लाश को मान लिया था शिवानी का शव

महाराष्ट्र पुलिस ने सिर कटी और जली लाश को मान लिया था शिवानी का शव

बुरहानपुर। कानून और पुलिसिया जांच को हैरान कर देने वाला एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिस युवती (शिवानी) की बेरहमी से हत्या करने के आरोप में उसके सगे पिता और भाई जेल की सलाखों के पीछे दिन काट रहे हैं, वह युवती अचानक जिंदा लौट आई है।

बोली, 'साहब! मैं जिंदा हूं...मेरे पिता-भाई को छोड़ दीजिए'

जानकारी के अनुसार, यह युवती 27 मई की रात को अचानक बुरहानपुर जिले के खकनार थाने पहुंची। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के सामने जब उसने अपनी पहचान बताई, तो वहां हड़कंप मच गया। युवती ने पुलिस अधिकारियों के सामने गुहार लगाते हुए कहा - "साहब! मैं जिंदा हूं। मेरे पिता और भाई को छोड़ दीजिए।"

​महाराष्ट्र पुलिस की बड़ी लापरवाही आई सामने

​इस पूरे मामले में महाराष्ट्र पुलिस की एक बहुत बड़ी चूक और लापरवाही उजागर हुई है। दरअसल, कुछ समय पहले पुलिस को एक सिर कटी और बुरी तरह जली हुई लाश बरामद हुई थी। महाराष्ट्र पुलिस ने बिना पुख्ता जांच और बिना किसी ठोस वैज्ञानिक साक्ष्य (जैसे डीएनए टेस्ट) के, उस अज्ञात और विकृत शव को शिवानी का शव मान लिया था। इसी आधार पर पुलिस ने ऑनर किलिंग या पारिवारिक विवाद का अंदेशा जताते हुए शिवानी के पिता और भाई को हत्या का मुख्य आरोपी बनाकर जेल भेज दिया था।

​पुलिस प्रशासन में मची खलबली

खकनार थाना प्रभारी अभिषेक जाधव ने इस पूरे मामले की पुष्टि की है। युवती के अचानक थाने में हाजिर होने के बाद पुलिस अब कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने और उसके पिता व भाई को जेल से रिहा कराने की प्रक्रिया में जुट गई है। साथ ही अब यह बड़ा सवाल भी खड़ा हो गया है कि आखिर वह जली हुई लाश किसकी थी जिसे पुलिस ने शिवानी मान लिया था।

यह भी पढ़ें : https://www.primenewsnetwork.in/india/nia-raids-four-states-in-connection-with-terror-plot-linked-to-pakistan/209348