ममता बनर्जी ने बकाया डीए देने का किया फैसला, चुनाव से पहले सरकारी कर्मचारियों को राहत
कोलकाता। चुनाव आयोग की ओर से विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान करने के कुछ ही मिनट पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सरकारी कर्मचारियों को बकाए डीए (मंहगाई भत्ता) देने का फैसला किया। सरकारी कर्मचारियों को मार्च से ही हर महीने दो-दो हजार रुपए की डीए की राशि का भुगतान होगा। 2007 के बाद से करीब दस साल का डीए बकाया है। सरकारी कर्मचारियों ने इसे अपने आंदोलन की जीत माना है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश
सरकारी कर्मचारियों के विभिन्न यूनियनों का साझा संगठन संयुक्त मंच का कहना है कि बकाया डीए के भुगतान के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह मार्च में ही बकाया डीए की 25 फीसदी राशि का भुगतान दो किश्तों में कर दे और बाकी राशि का भुगतान कोर्ट की ही कमेटी की अनुशंसा के मुताबिक करे। कोर्ट ने ही अवकाशप्राप्त जजों की कमिटी का गठन कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद भी राज्य सरकार बकाया डीए का भुगतान करने में टालमटोल कर रही थी। राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दिसंबर तक समय लेने के लिए आवेदन भी किया है जिस पर अभी तक विचार नहीं हुआ है। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बकाया डीए की राशि का हर महीने दो-दो हजार रुपए भुगतान करने का निर्णय किया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर रोक
सरकारी कर्मचारियों ने बकाया डीए की राशि के भुगतान की मांग को लेकर 13 मई को राज्यभर में हड़ताल की थी। उन्होंने सरकार को यह चेतावनी भी दी थी कि बकाया डीए का भुगतान नहीं होने की स्थिति में उसे विधानसभा चुनाव में इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। दूसरी तरफ भाजपा नेताओं विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सरकारी कर्मचारियों के आंदोलन का समर्थन करते हुए उन्हें यह भरोसा दिया था कि उनकी सरकार बनने पर वे बकाया डीए का भुगतान करेंगे ही, सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा के मुताबिक वेतन भी देंगे। इससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सामने सरकारी कर्मचारियों की संतुष्ट करने की बाध्यता थी।
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