ममता बनर्जी का बड़ा राजनीतिक ऐलान, नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस को समर्थन देगी उनकी TMC पार्टी
कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। बंगाल की सियासत में ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच का संघर्ष एक बार फिर गहरा गया है। कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम उपचुनाव के ऐलान के साथ-साथ राज्य सरकार और विरोधी दलों पर जमकर निशाना साधा और अपनी आगामी राजनीतिक रणनीति साफ की।
नंदीग्राम सीट से नामांकन वापसी और चुनावी समीकरण
ममता के TMC गुट की संचिता प्रधान (डे) ने नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव से अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे 6 अक्टूबर को होने वाले मतदान से पहले इस सीट पर उनके गुट का कोई उम्मीदवार नहीं बचा। कांग्रेस ने नंदीग्राम से मिलन प्रधान को मैदान में उतारा है, जबकि CPI ने शांति गोपाल गिरी को उम्मीदवार बनाया है। BJP की उम्मीदवार हसीरानी रथ भी चुनावी मैदान में हैं।
ममता बनर्जी की प्रेस कॉन्फ्रेंस और INDIA गठबंधन के प्रति प्रतिबद्धता
कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, "नंदीग्राम में हम कांग्रेस पार्टी को अपना समर्थन देने जा रहे हैं। यह देश के व्यापक हित में है। रेजीनगर के बारे में मैं बाद में फैसला करूंगी। असम में हम चुनाव नहीं लड़ रहे हैं।" नंदीग्राम सीट तब खाली हुई थी जब सुवेंदु अधिकारी ने इस निर्वाचन क्षेत्र को छोड़ दिया और भवानीपुर को अपने पास रखने का फैसला किया, जहां उन्होंने 2026 के विधानसभा चुनावों में ममता बनर्जी को हराया था।
विपक्षी नेताओं का समर्थन और सुवेंदु अधिकारी पर निशाना
INDIA गठबंधन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए और सत्ताधारी दल के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बनर्जी ने कहा, "वे नहीं जानते कि मैं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस को नहीं छोड़ सकती। जब तक मैं इस दुनिया से नहीं चली जाती, यह हमेशा मेरे साथ रहेगी। यह बिल्कुल गंदा खेल है, लेकिन हम भी इसका मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। मैं चाहती हूं कि BJP भारत से चली जाए। हम INDIA गठबंधन में एकजुटता चाहते हैं।"
विपक्षी नेताओं के समर्थन और सुवेंदु अधिकारी पर तीखा कटाक्ष
उन्होंने संकट के समय विपक्षी नेताओं से मिली एकजुटता को भी स्वीकार किया और कहा, "राहुल गांधी ने कल मुझे फोन किया था; मैं उनकी आभारी हूं। अरविंद केजरीवाल ने भी मुझे फोन किया था।" पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पर तीखा कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, "लोग योगी के बारे में पूछते थे, लेकिन वह योगी से भी ज्यादा खतरनाक हैं।"
बीजेपी पर "वोट चोरी" और लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप
बनर्जी ने "वोट चोरी" के आरोपों को लेकर BJP की आलोचना की और पार्टी पर बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा और बंगाल में चुनावों में धांधली करने का आरोप लगाया। उन्होंने बीजेपी को "झूठी पार्टी" और "जुमला पार्टी" बताते हुए आरोप लगाया कि इसका मकसद लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था को खत्म करना है।
बीजेपी पर वोट चोरी और लोकतंत्र को खत्म करने का आरोप
बनर्जी ने कहा, "वोट की चोरी की बात करना बहुत दुखद है। उन्होंने बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा और बंगाल में लूटपाट की। यह झूठी बीजेपी पार्टी और जुमला पार्टी है। इसका काम देश में लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा व्यवस्था को खत्म करना है। पत्रकारों को भी नहीं बख्शा जाता, अगर कोई उनके खिलाफ बोलता है, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाता है। हमसे पहले उद्धव ठाकरे को भी ऐसी ही स्थिति का सामना करना पड़ा था। मैं ऐसे किसी भी व्यक्ति का सम्मान नहीं करती जो सिर्फ बीजेपी के अहंकार को संतुष्ट करने में लगा हो।"
ECI के अंतरिम आदेश पर नाराजगी और नए नाम व चुनाव चिह्न
उन्होंने सत्ता में बैठे लोगों को कड़ी चेतावनी भी दी और दावा किया कि यह फैसला पहले से तय राजनीतिक दखल का नतीजा था। पार्टी के अंदर चल रहे नेतृत्व विवाद पर भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के अंतरिम आदेश के बाद, बनर्जी ने शुक्रवार को इस फैसले की कड़ी आलोचना की और इसे राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित असंवैधानिक कदम बताया।
ECI के अंतरिम आदेश और दोनों गुटों के नए नाम व चुनाव चिह्न
ECI के आदेश के अनुसार, अंतिम फैसला होने तक अरूप रॉय (याचिकाकर्ता) या ममता बनर्जी (प्रतिवादी) में से किसी भी गुट को असली नाम "ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" या आरक्षित चुनाव चिह्न "फूल और घास" का इस्तेमाल करने की इजाज़त नहीं है। ममता बनर्जी गुट को "ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस" नाम और "फुटबॉल खिलाड़ी" चुनाव चिह्न दिया गया, जिसे पश्चिम बंगाल, मेघालय और त्रिपुरा में मान्यता मिली है, जबकि अरूप रॉय गुट को "डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस" नाम और "लिफ़ाफ़ा" चुनाव चिह्न दिया गया, जिसे इन्हीं तीन राज्यों में मान्यता मिली है। (Source: ANI)
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