मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव ने आयोग के साथ हो रह

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ चल रही बैठक का किया बॉयकॉट

Mamata Banerjee boycotts EC meeting, levels serious allegations

कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चुनाव ने आयोग के साथ हो रही बैठक का बॉयकॉट कर दिया। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर झूठ बोलने, अपमान और खराब व्यवहार करने का आरोप लागते हुए कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त को केंद्र सरकार व भाजपा की ताकत पर अहंकार है तो उन्हें (ममता बनर्जी) जनता पर भरोसा है।

चुनाव आयुक्त के साथ बैठक का बहिष्कार

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मुख्य चुनाव आयुक्त के साथ बैठक में टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद अभिषेक बनर्जी, टीएमसी सांसद व अधिवक्ता कल्याण बनर्जी, पश्चिम बंगाल में एसआईआर के दौरान मृत तीन बीएलओ के परिवार और वोटर लिस्ट में मृत बताए गए पांच जीवित पांच वोटरों के साथ शामिल हुई। लेकिन बैठक के बीच में ही बैठक का बॉयकॉट करते हुए वे बैठक से बाहर आ गई।

वोटर लिस्ट में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया

उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के सामने एसआईआर में हो रही तमाम गड़बड़ियों को चर्चा की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को कहा कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले जल्दबाजी में चुनाव कराया जा रहा है। विधानसभा चुनाव के बाद भी कराया जा सकता था। 58 लाख वैध वोटरों का नाम जैसे तैसे काटा गया। वोटरों के नाम काटने के लिए एआई के आधार पर काटा गया।

वोटरों को बार-बार बुलाकर परेशान करने का आरोप

ममता बनर्जी ने कहा कि 2002 के वोटर लिस्ट से आदिवासियों, दलितों, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय के वोटरों का नाम काटा गया। अलग अलग स्पेलिंग, अलग अलग पदवी, विवाहित महिलाओं के बदल गए ठिकानों के कारण नाम काटे गए। उम्रदराज वोटरों के समय लोगों का जन्म घर में होते थे। उनका जन्म प्रमाण पत्र कहां से मिलेगा। वोटरों की सुनवाई में उम्रदराज और अस्वस्थ लोगों को बुलाया जा रहा है। एक ही वोटर को दोबारा-तीबारा बुलाया जा रहा है। जिस काजगाज की मान्यता मिलनी चाहिए, उसे मानने से इनकार कर दिया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल के अधिकारियों की निगरानी करने का आरोप

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने बैठक में जिक्र किया कि पश्चिम बंगाल में काफी संख्या में  माइक्रो आबजार्बर रखे गए। बीएलओ, इआरओ, एइआरयओ, डीआरओ को तरजीह नहीं दी गई। भाजपा समर्थित केंद्र के अधिकारियों को पश्चिम बंगाल के अधिकारियों पर निगरानी के लिए ऱखा गया। असम में एसआईआर नहीं कराया जा रहा है जबकि पश्चिम बंगाल में कराया जा रहा है। 

एसआईआर प्रक्रिया में पक्षपात और ज्यादती का आरोप

पश्चिम बंगाल के साथ पूर्व नियोजित तरीके से पक्षपात और ज्यादती की जा रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा किए जा रहे कार्यों को उचित बताया और गड़बड़ियों को नकारते हुए झूठी दलील दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव आयोग को खिलाफ उनका  अगला कदम क्या होगा, इस बारे में अपनी पार्टी के नेताओं से बातचीत कर रणनीति तैयार करेंगी।

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