मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को वैध वोटरों का अधिकार छीन जाने की चिंता
कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में एसआईआर में करीब एक करोड़ बीस लाख वोटरों के नाम हट जाने की आशंका जताई है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के लोकतांत्रिक अधिकार छीन जाना बहुत ही दुखद होगा। उनकी लगातार यह कोशिश रही है कि एक भी वैध वोटर का नाम नहीं हट पाए। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किसी का नाम लिए बिना यह निवेदन किया कि किसी का अधिकार नही छीन लीजिए। उनका अधिकार वापस कर दीजिए। खुद बचे रहिए और दूसरों को भा बचा रहने दीजिए।
ममता बनर्जी का वोटर अधिकार संकट
टीएमसी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने विधानसभा क्षेत्र में विकास की विभिन्न योजनाओं का शिलान्याय और उद्घाटन के मौके पर कहा कि एसआईआर चल रहा है। अनेक वोटरों का वोटाधिकार छीन उठा है। पहले ही 58 लाख से अधिक वोटरों नाम हट चुका है। उसके बाद छिपा कर लाजिकल डिसक्रिपेंसी के नाम पर अनेक वोटरों के नाम छांट दिए गए हैं। मृत वोटरों के नामों को जोड़ लें तो एक करोड़ 20 लाख वोटरों नाम हट जाएगा। हमने खुद सुप्रीम कोर्ट में संघर्ष किया है। हमारा मामला विचाराधीन है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 28 फरवरी को वोटरों की फाइनल सूची जारी हो रही है। उसमें जिन वोटरों का नाम नहीं होगा, उन्हें कितनी दुख होगा, हम लोगों को इसका अंदाज नहीं है। हम तो शुरू से ही चाहते थे कि किसी भी वैध वोटरों का नाम नहीं हट पाए। हमें यह जानने की जरूरत नहीं है कि जिन वोटरों का नाम कटा वे टीएमसी के समर्थक हैं या भाजपा, माकपा या और किसी पार्टी के समर्थक हैं, या हिंदू हैं या मुस्लिम या बौद्ध-जैन या और किसी धर्मं के हैं। जरूरत यह है कि लोकतंत्र ध्वस्त नहीं हो, सभी के लोकतांत्रिक अधिकार की रक्षा हो।
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