ममता बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर लगाया वोटरों को बांटने का आरोप
कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के उत्तर चौबीस परगना जिले के बनगांव, गायघाटा, हावड़ा की चुनावी सभा में भाजपा और चुनाव आयोग पर योग्य ओर अयोग्य के नाम पर वोटरों को बांटने का आरोपर लगाया और कहा कि दोनों ने आपस में साठगांठ कर चुन-चुन पर वोटर लिस्ट से मुस्लिमों, दलितों, महिलाओं के नाम काटा है। भारत सेवा आश्रम और मदर टेरेसा की संस्था के लोगों का नाम काटा गया है। न्यायाधीशों के भी नाम काटे गए हैं लेकिन संकोच के कुछ नही बोल पा रहे हैं। प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नाम काट दिए गए। अपने अधिकार की रक्षा के लिए साधारण वोटर लाइन में लग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने वोटरों से भाजपा को इस विधानसभा चुनाव में शून्य वोट से हरा कर बदला लें।
लाखों वोटरों के नाम काटने का आरोप
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भाजपा के इशारे पर काम करने के पुराने आरोप को दोहृराते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने पहले 58 लाख वोटरों का नाम काटा। फिर सात लाख वोटरों का नाम काटा। फिर 27 लाख विचाराधीन वोटरों का नाम काटा। 58 लाख वोटरों में अनेक वैध वोटर हैं। विचाराधीन वोटरों में भी प्राय सभी वैध वोटर हैं। सबसे ज्यादा मुर्शिदाबाद, मालदा, उत्त्तर चौबीस परगना, दक्षिण चौबीस परगना और कई जिलों में नाम काटा गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर मुर्शिदाबाद और मालदा जिले में मुस्लिम समुदाय के लोगों क टारगेट कर नाम काटा गया है तो उत्त्तर चौबीस परगना जिलें में मतुआ को टारगेट कर नाम काटा गया है। मुस्लिम समुदाय के वोटरों का नाम काटा गया ही, हिंदुओं का भी नाम काटा गया है।
भाजपा-चुनाव आयोग की मिलीभगत का आरोप
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि चुनाव आयोग से मिल कर भाजपा बंगाल के साथ छल कर रही है, उसे एक भी वोट न देकर बदला लेना होगा। उन्होंने कहा कि वे शुरू से भाजपा और चुनाव आयोग की मंशा को ताड़ गई थी और उन्होंने वोटरों के अधिकार के लिए संघर्ष करना आरंभ किया। वे सुप्रीम कोर्ट में गई। विचाराधीन वोटरों में से 32 लाख वोटरों को वोट का अधिकार दिला पाई है। चुनाव आयोग ने जिन विचाराधीन वोटरो का वोट का अधिकार छीन लिया है, वे अपीलेट ट्रिब्यूनल में आवेधन करें। वे उनको कानूनी और आर्थिक मदद देगी। 58 लाख वोटरों में जौ वैध वोटर है, उन्हें भी वोट का अधिकार देने का संघर्ष चल रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा को बंगाल और बांग्ला विरोधी बताया और कहा कि भाजप शासित राज्यों में बांग्ला बोलने के चलते बंगाल के लोगो पर अत्याचार किया जा रहा है और जान तक ले ली जा रही है। तो भी वे निर्लज्ज होकर बंगाल में वोट मांग रहे हैं।
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