मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार, भाजपा और चुनाव आयोग पर एकसाथ साधा निशाना
कोलकाता। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर पश्चिम बंगाल की उपेक्षा करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर इस राज्य पर जबरन कब्जा करना चाहती है। उसका यह खेल उसके लिए ही उल्टा पड़ेगा। उन्होंने चुनाव आयोग को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि वह भाजपा कार्यालय के इशारे पर कार्य कर रहा है। पश्चिम बंगाल में भाजपा और चुनाव आयोग की कोई भी चाल चल पाएगी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की टीएमसी के बूथ लेवेल एजेंटों के साथ बैठक
मुख्यमंत्री ममता कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टोडियम में कोलकाता, हावलड़ा, उत्तर चौबहीस पगना और दक्षिण चौबीस परगना जिले के टीएमसी के बूथ लेवेल एजेंटों के बैठक में बोल रही थी। बैठक में राज्य के वरिष्ठ मंत्री, सांसद, विधायक, पदाधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के बीएलए को यह बताने के लिए बैठक बुलाई थी जिससे वे (बीएलए) राज्य में चल रही एसआइआर में उन वोटरों की मदद कर सकें, जिनकी सुनवाई होने वाली है या वोटर के लिए आवेदन करने वाले है। बीएलए उन वोटरों की भी मदद कर सकें जिनका नाम वोटर लिस्ट के ड्राफ्ट में नहीं है या जिंदा है लेकिन मृत बताया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार इस बात पर जोर दे रही हैं कि एक भी वैध वोटर का नाम अंतिम वोटर लिस्ट से नहीं हट पाए।
केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ ठाकुर, विद्यासागर के असम्मान का आरोप
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ ठाकुर, विद्यासागर जैसे विभूतियों को असम्मान करने का आरोप लगाया और उनके कार्यकलापों की आलोचना की। उन्होने भाजपा की अत्याचारी, जनविरोधी, संविधान विरोधी, सांप्रदायिक पार्टी बाताया और कहा कि वह जो खेल खेल रही है, वह उसके लिए उल्टा पड़ेगा। पश्चिम बंगाल में केंद्र सरकार और भाजपा की कोई चाल नहीं चलेगी। उन्होंने भाजपा पर विधानसभा चुनाव को देखते हुए अभी से ही रुपये लगाने का आरोप लगाया और कहा कि बिहार से यहां मोटरसाइकिल भेजा गया। वह खूब खर्च करे, यहां को लोगों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।
भाजपा कार्यालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल में हो रहा एसआइआर का काम: ममता बनर्जी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर इस राज्य के मतुआ, दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्ग के लोगों, अल्पसंख्यकों को वोटर बनने से रोकने की साजिश करने के साथ भाजपा कार्यालय के निर्देश के अनुसार पश्चिम बंगाल में एसआइआर का काम करने का आरोप लगाया और कहा कि 2001 में चुनाव हो जाने के वाद 2002 में एसआइआर हुआ था और उसे दो साल में पूरा किया गया था। लेकिन इस बार यह काम दो महीने में पूरा किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि असम और पूर्वोत्तर राज्यों में एसआइआर क्यों नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि बीएलओ पर काम का बोझ लादा गया। हर दिन उनके लिए नए-नए निर्देश जारी किए गए। उनके पीछे केद्र सरकार के एजेंसियों के लोगों को लगाया गया। विशेष पर्यवेक्षक के रूप में भाजपा समर्थक केंद्रीय अधिकारियों को इस राज्य में भेजा गया। उन्हें यहां की आम लोगों की भाषा ही समझ में नहीं आती।
मैपिंग में भारी गड़बडी और SIR के चलते राज्य में 46 वोटरों की मौत का आरोप
उन्होंने विस्तार से यह जिक्र किया कि 2002 के लोटर लिस्ट में भी गड़बड़ी है। उन्होंने बताया कि 2009 में विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रो के डिलिमिटेशन के कारण चुनाव क्षेत्रो में फेरबदल हुए। कोलकाता में पहले 100 वार्ड थे और अब 144 वार्ड हो गए है। वोटरों के नाम-पते भी इधर से उधर हुए और तमाम गड़बड़िया हुई। उस वक्त या उसके पहले लोगों का जन्म घर में होता था और जन्म प्रमाण पत्र आज की तरह नहीं बन पाता था। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के घरों में बुजुर्गों के पास कैसा जन्म का प्रमाण पत्र है। इस तरह की तमाम गड़बड़ियों के लिए वोटर जिम्मेदार नहीं हैं। चुनाव आयोग को इन गड़बडियों पर गौर करना चाहिए और ठीक करना चाहिए। ममता बनर्जी ने कहा कि मैपिंग में भारी गड़बडी हुई है। एसआइआर के चलते इस राज्य में 46 वोटरों की मौत हुई।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी के बीएलए को समझाया कि वे किस तरह वोटरों की मदद करें। उन्होंने अपनी पार्टी के सांसदों, विधायकों, नगर निगम, नगर पालिका, ग्राम पंचायतों के लोगों, पदाधिकारियों को बीएलए का साथ देने को कहा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस राज्य और देश की रक्षा के लिए भाजपा को हर हाल में सत्ता में आने से रोकना है।
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