औरंगाबाद पुलिस ने कलेक्ट्रेट का फर्जी स्टाफ बनकर ल

औरंगाबाद कलेक्ट्रेट का फर्जी बाबू बन 2 करोड़ ठगे, दबोचा गया शातिर

Man Poses as Fake Aurangabad Collectorate Clerk, Dupes Victims of ₹2 Crore; Arrested

औरंगाबाद (बिहार)। कलेक्ट्रेट का फर्जी स्टाफ बनकर शस्त्र लाइसेंस और बंदूक दिलाने के नाम पर करीब 2 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले शातिर को औरंगाबाद पुलिस ने समाहरणालय गेट से गिरफ्तार कर लिया।

शस्त्र लाइसेंस के नाम पर लगा था 5.5 लाख का चूना

13.08.2026 को साइबर थाना को फेसर थाना क्षेत्र के मुरादपुर निवासी रामाकांत कुमार का आवेदन मिला। उन्होंने बताया कि नवीन कुमार उर्फ बाबा ने खुद को कलेक्ट्रेट का कर्मचारी बताकर शस्त्र लाइसेंस बनवाने और शस्त्र खरीदवाने के नाम पर उनसे 5 लाख 50 हजार रुपये फोन पे और बैंक अकाउंट के जरिए ले लिए। आरोपी ने इसी तरह औरंगाबाद के कई अन्य लोगों से भी ठगी की है। कुल ठगी की रकम लगभग 2 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

साइबर टीम ने तकनीकी जांच से पकड़ा

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर साइबर थाना में कांड संख्या-34/26, दिनांक 13.08.2026 दर्ज कर विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी विश्लेषण और आसूचना के आधार पर टीम ने आरोपी नवीन कुमार उर्फ बाबा, पिता-रामचंद्र शर्मा, साकिन-सिधानी, थाना-गोह, जिला-औरंगाबाद को समाहरणालय गेट से धर-दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

पहले से है आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ बारुण थाना कांड संख्या-477/24, दिनांक 15.10.2024, धारा-318(4)/61(2)/3/336(3) BNS के तहत भी मामला दर्ज है। पुलिस अब इस फर्जीवाड़े में शामिल अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। 

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