पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनसे जुड़े एक वा

'फर्जी वीडियो से मुझे बदनाम किया जा रहा', भगवंत मान का दावा- विपक्ष धर्म का सहारा लेकर कर रहा राजनीति

Political Controversy

चंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उनसे जुड़े एक वायरल वीडियो को फर्जी बताते हुए भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल पर उन्हें बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष धर्म का इस्तेमाल कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहा है।

वायरल वीडियो को बताया फर्जी

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी एक वीडियो संदेश में भगवंत मान ने कहा कि सिख गुरुओं के चित्रों के कथित अपमान से जुड़ा वीडियो पूरी तरह फर्जी है। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति न तो उनकी कद-काठी से मेल खाता है और न ही उनके खड़े होने के तरीके से। मान ने कहा कि कई लोगों ने उनसे संपर्क कर वीडियो को फर्जी बताया है और इसकी फॉरेंसिक जांच भी कराई गई है।

विपक्षी दलों पर लगाया मिलीभगत का आरोप

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल ने पंजाब में उनके खिलाफ माहौल बनाने के लिए आपसी मिलीभगत की है। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष को कोई और मुद्दा नहीं मिला तो उसने धर्म का सहारा लेकर उन्हें निशाना बनाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि जनता खुद तय करेगी कि कौन सच बोल रहा है और कौन झूठ।

फॉरेंसिक लैब पर दबाव बनाने का आरोप

भगवंत मान ने आरोप लगाया कि फॉरेंसिक लैब संचालकों पर दबाव बनाया गया है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल एफआईआर और अन्य कार्रवाई का डर दिखाकर लैब संचालकों से मनमाफिक बयान दिलवाने की कोशिश कर रहे हैं। मान ने कहा कि अगर उनकी ओर से कराई गई जांच को फर्जी बताया जा रहा है तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि दूसरी जांच को सही मानने का आधार क्या है।

गुरुग्राम पुलिस ने दो लोगों को किया गिरफ्तार

इस बीच, गुरुग्राम पुलिस ने पंजाब के मुख्यमंत्री से जुड़े वायरल वीडियो मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट में कथित हेराफेरी के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गुरुग्राम के सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम) नवीन शर्मा के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में अंकित और अरुण शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि दोनों ने कथित तौर पर वीडियो से संबंधित रिपोर्ट तैयार की और उसे प्रसारित किया।

10 लाख रुपये लेने का दावा

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से स्वीकार किया है कि उन्हें इस काम के लिए 10 लाख रुपये दिए गए थे। मामले में कुछ अधिकारियों की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसीपी नवीन शर्मा ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

इस मामले को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं ने भी भगवंत मान पर निशाना साधा है और उनसे इस्तीफे की मांग की है। वहीं, मुख्यमंत्री ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज कर दिया है और कहा है कि उनकी सरकार विकास कार्यों को जारी रखेगी।

(एएनआई)

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