बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने समाजव

मायावती का सपा पर निशाना, परिवारवाद और धनबल को लेकर उठाए सवाल

Mayawati Targets SP, Raises Questions Over Dynastic Politics

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) प्रमुख मायावती ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर परिवारवाद और धनबल की राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बीएसपी छोटे-बड़े चुनावों में परिवार, रिश्तेदारों या बड़े पूंजीपतियों के बजाय पार्टी में काम करने वाले गरीब, मध्यम वर्ग और कमजोर तबकों के कर्मठ अंबेडकरवादी लोगों को उम्मीदवार बनाती है।

बीएसपी की राजनीति को बताया परिवारवाद से मुक्त

मायावती ने कहा कि बीएसपी चुनावों में बड़े पूंजीपतियों और धन्नासेठों के धनबल का सहारा नहीं लेती है। उनके मुताबिक, पार्टी सर्वसमाज में से गरीब, मध्यम वर्ग और कमजोर तबकों के कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाती है। उन्होंने दावा किया कि बीएसपी की राजनीति परिवारवाद और धनबल से मुक्त है, जबकि सपा इसके विपरीत काम करती है। मायावती ने सपा पर खुद को समाजवादी और 'पीडीए' की पार्टी बताने का आरोप लगाते हुए इसे राजनीतिक ढोंग और छलावा बताया।

रामगोपाल यादव और धनराज नाथवानी का किया जिक्र

मायावती ने अपने बयान में सपा द्वारा उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए रामगोपाल यादव को फिर से उम्मीदवार बनाए जाने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रामगोपाल यादव सपा प्रमुख के करीबी रिश्तेदार हैं। उन्होंने सपा के दूसरे उम्मीदवार धनराज परिमल नाथवानी का भी उल्लेख किया और कहा कि वह एक चर्चित उद्योग घराने से जुड़े हैं। सपा ने 30 सितंबर को रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी को राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया था।

तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी टिप्पणी

मायावती ने सपा के संभावित तीसरे उम्मीदवार को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोगों के बीच यह राय है कि तीसरा उम्मीदवार पहले की तरह 'फेस सेविंग' के लिए हो सकता है और चुनाव हार सकता है। हालांकि, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 1 अक्टूबर को कहा था कि पार्टी तीसरे उम्मीदवार की घोषणा के लिए जरूरी संख्या जुटाने की कोशिश कर रही है।

<blockquote lang="hi" dir="ltr">1.जैसाकि यह सर्वविदित है कि बी.एस.पी. किसी भी छोटे-बड़े चुनाव में विरोधी पार्टियों में भी ख़ासकर समाजवादी पार्टी (सपा) की तरह अपने परिवार, सगे-सम्बंधी, भाई-भतीजों, क़रीबी रिश्ते-नातेदारों के साथ ही विशेषकर बड़े-बड़े पूँजीपतियों व धन्नासेठों आदि को टिकट नहीं देती है, यानी चुनावों में उनके धनबल का सहारा नहीं लेती है, बल्कि पार्टी में कार्यरत सर्वसमाज में से केवल ग़रीब, मध्यम वर्ग व कमज़ोर तबक़ों के कर्मठ अम्बेडकरवादी लोगों को ही अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाती है, अर्थात बी.एस.पी. की राजनीति परिवारवाद व धनबल से मुक्त व पाक-साफ है, जबकि वहीं दूसरी तरफ सपा ठीक इसके विपरीत कार्य करती है, जो अपने आपको समाजवादी व कथित ’पीडीए’ (PDA) की पार्टी होने का राजनीतिक ढोंग व छलावा करती हुई ज़्यादा नज़र आती है।   2.इसका एक और ख़ास व ताज़ा उदाहरण यह है कि सपा ने यूपी से राज्यसभा के लिये द्विवार्षिक चुनाव में श्री रामगोपाल यादव को फिर से पर्चा भरवाया है जो सपा मुखिया के नज़दीकी रिश्तेदार हैं, जबकि सपा ने अपनी पार्टी का दूसरा उम्मीदवार श्री धनराज परिमल नाथवानी को बनाया है, जो चर्चित उद्योग घराने से सम्बद्ध हैं। लोगों की राय में सपा का तीसरा उम्मीदवार पहले की तरह संभवतः ’फेस सेविंग’ व चुनाव हारने के लिये होगा। 3.तो इस प्रकार का है सपा, उसका ’पीडीए’ (PDA) व उस पार्टी का समाजवाद अर्थात् सपा को चुनाव में वोट तो ’पीडीए’ का चाहिये, लेकिन सांसद व विधायक आदि ज़्यादातर अपने परिवार वालों को व बड़े-बड़े पूँजीपतियों को बनाती है। अतः जनता इनके ’पीडीए’ के बहकावे में ना आये तो यह सही। 4.वास्तव में यह कोई नई बात नहीं है बल्कि सपा का इस प्रकार का दोहरा चाल, चरित्र व चेहरा हमेशा से ही रहा है और इसीलिये ख़ासकर अपरकास्ट समाज के ग़रीबों तथा ’बहुजन समाज’ अर्थात दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिम एवं अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समाज के समस्त लोगों को अब ख़ासकर यूपी विधानसभा आमचुनाव से पहले ही ज़रूर पूरी तरह से सचेत/सतर्क हो जाना चाहिये कि उन सबका हित अम्बेडकरवादी बी.एस.पी. में ही निहित व सुरक्षित है, बाकी सब छलावा ही छलावा है।</p>&mdash; Mayawati (@Mayawati) <a href="https://x.com/Mayawati/status/2105870364559683734?ref_src=twsrc%5Etfw">October 2, 2026</a></blockquote> <script async src="https://platform.x.com/widgets.js" charset="utf-8"></script>  

'पीडीए' को लेकर सपा पर हमला

मायावती ने कहा कि सपा को चुनाव में 'पीडीए' का वोट चाहिए, लेकिन उनके आरोप के मुताबिक सांसद और विधायक पदों पर वह अधिकतर अपने परिवार के लोगों और बड़े पूंजीपतियों को आगे बढ़ाती है। उन्होंने लोगों से सपा के 'पीडीए' संबंधी दावों से सतर्क रहने की अपील की और कहा कि बीएसपी की राजनीति अंबेडकरवादी विचारधारा पर आधारित है।

यूपी चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील

मायावती ने कहा कि सपा का यह कथित दोहरा रवैया कोई नई बात नहीं है और उन्होंने इसे पार्टी के राजनीतिक चरित्र का हिस्सा बताया। उन्होंने विशेष रूप से अपरकास्ट समाज के गरीबों तथा बहुजन समाज के दलितों, आदिवासियों, अति-पिछड़ों, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक समुदायों से उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सतर्क रहने की अपील की। मायावती ने कहा कि इन वर्गों का हित बीएसपी में निहित और सुरक्षित है।

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