करोड़ों की नशीली सामग्री जब्त, पुलिस फायरिंग के बाद आरोपी फरार
मंदसौर (मध्य प्रदेश)। पुलिस ने जिले में अब तक की सबसे बड़ी ड्रग्स विरोधी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक अवैध एमडी सिंथेटिक ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। सीतामऊ थाना क्षेत्र के मानपुरा गांव में खेत के बीच बने एक टीन शेड में लंबे समय से एमडी ड्रग्स तैयार की जा रही थी। पुलिस की दबिश के दौरान आरोपियों और पुलिस के बीच करीब 10 राउंड फायरिंग भी हुई। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गए, लेकिन पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में केमिकल, तैयार एमडी ड्रग्स, ड्रग्स बनाने के उपकरण और एक बिना नंबर की स्कॉर्पियो-एन कार जब्त कर ली है।
गुप्त सूचना पर पहुंची पुलिस टीम, आरोपियों से हुई मुठभेड़
मंदसौर पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार मीना के निर्देशन में सीतामऊ थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की। पुलिस जब मानपुरा गांव स्थित खेत पर बने टीन शेड में पहुंची तो वहां अवैध रूप से एमडी ड्रग्स तैयार की जा रही थी। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद तीन आरोपियों ने भागने का प्रयास किया और पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई के बीच करीब 10 राउंड फायर हुए। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने घेराबंदी की, लेकिन आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
110 ग्राम एमडी ड्रग्स और 325 किलो से अधिक केमिकल बरामद
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 110 ग्राम तैयार एमडी ड्रग्स, करीब 325 दशमलव 8 किलोग्राम विभिन्न रसायन, ड्रग्स निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण, मशीनें और अन्य सामग्री जब्त की है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जब्त किए गए केमिकल से लगभग 200 किलोग्राम सिंथेटिक एमडी ड्रग्स तैयार की जा सकती थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
ड्रग्स सप्लाई में इस्तेमाल होने वाली स्कॉर्पियो-एन कार जब्त
पुलिस ने मौके से एक बिना नंबर की स्कॉर्पियो-एन भी बरामद की है, जिसका उपयोग आरोपियों द्वारा फैक्ट्री संचालन और ड्रग्स की सप्लाई में किए जाने की आशंका है। पुलिस अब वाहन की भी जांच कर रही है और उसके मालिक की जानकारी जुटाई जा रही है।
फरार आरोपियों की तलाश जारी, ड्रग्स नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस
फिलहाल पुलिस ने फरार तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस सिंथेटिक ड्रग्स नेटवर्क के तार किन राज्यों और किन लोगों से जुड़े हुए हैं।
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