इस्तांबुल के पास मर्चेंट नेवी कर्मचारी लापता, 10 दिन से नहीं मिली खबर; परिवार ने सरकार से लगाई मदद की गुहार
प्रयागराज: तुर्की के इस्तांबुल के पास एक जहाज से लापता हुए मर्चेंट नेवी कर्मचारी राम चंद्र दुबे को लेकर परिवार ने सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। परिवार का कहना है कि 25 जुलाई के बाद से राम चंद्र से कोई संपर्क नहीं हुआ है और अब तक उनके बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है।
24 जुलाई को हुई थी आखिरी बातचीत
राम चंद्र दुबे के पिता रमेश चंद्र दुबे ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे से आखिरी बार 24 जुलाई को बात की थी। उस समय सब कुछ सामान्य था और राम चंद्र ने किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने उनके बेटे के लापता होने की जानकारी परिवार को घटना वाले दिन नहीं दी, बल्कि 26 जुलाई को दोपहर करीब 1 बजे इसकी सूचना दी गई।
डेलोशिप कंपनी के जरिए गए थे तुर्की
रमेश चंद्र के मुताबिक, उनका बेटा दिल्ली-नोएडा स्थित डेलोशिप कंपनी के माध्यम से तुर्की के इस्तांबुल गया था, जहां वह एक जहाज पर नाविक के रूप में काम कर रहा था। उन्होंने बताया कि राम चंद्र का शुरुआती अनुबंध छह महीने का था, जिसे बाद में बढ़ाकर नौ महीने कर दिया गया। इसके बाद उनका कार्यकाल एक-दो महीने और बढ़ाया गया था।
कंपनी से जानकारी नहीं मिलने का आरोप
परिवार का आरोप है कि कंपनी की ओर से उन्हें घटना के बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं दी जा रही है। रमेश चंद्र ने कहा कि जब भी वह कंपनी से जानकारी मांगते हैं, तो उन्हें अन्य अधिकारियों से संपर्क करने के लिए कहा जाता है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने सिर्फ इतना बताया है कि राम चंद्र और दीपक कुमार गुप्ता नाम का एक अन्य व्यक्ति जहाज से लापता हैं।
परिवार ने पीएम और मंत्रियों से लगाई गुहार
राम चंद्र के पिता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बेटे को जल्द ढूंढने में मदद की अपील की है। उन्होंने कहा कि परिवार को जल्द से जल्द राम चंद्र की जानकारी चाहिए, ताकि घर में शांति लौट सके।
बहन ने खोज अभियान तेज करने की मांग की
राम चंद्र की बड़ी बहन सीमाक्षी पांडे ने भी अधिकारियों से खोज और बचाव अभियान में तेजी लाने की अपील की है। उन्होंने बताया कि 24 जुलाई की रात तक उनके भाई की अपने माता-पिता से बातचीत हुई थी और उस समय सब सामान्य था। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी ने घटना की जानकारी समय पर नहीं दी और अब तक परिवार को सिर्फ इंतजार करने के लिए कहा जा रहा है।
10 दिन बाद भी नहीं मिला कोई सुराग
परिवार का कहना है कि लापता हुए राम चंद्र दुबे को अब 10 दिन से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन उनका कोई पता नहीं चल पाया है। परिजन लगातार कंपनी और अधिकारियों के संपर्क में हैं और सरकार से जल्द कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
(एएनआई)
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