आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा पर अपना हमला तेज कर

सरकारी आवास में रहते हुए मंत्रियों के वोट घर के पते पर कैसे दर्ज हुए? सौरभ भारद्वाज

Ministers Votes at Official Residences: Bhardwaj

नई दिल्ली [भारत]: आम आदमी पार्टी (AAP) ने भाजपा पर अपना हमला तेज कर दिया है, क्योंकि AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का नाम दिल्ली की मतदाता सूची से गायब है। दिल्ली AAP इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सवाल उठाया है कि तीन बार के पूर्व मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्यों को चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची में शामिल क्यों नहीं किया गया।

SIR प्रक्रिया को लेकर सौरभ भारद्वाज ने उठाए सवाल

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए AAP दिल्ली इकाई के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, “तीन बार के दिल्ली मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को SIR प्रक्रिया के तहत नोटिस भेजा गया है, क्योंकि SIR प्रक्रिया के अनुसार अरविंद केजरीवाल, उनकी पत्नी और उनके बच्चों के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हैं। IIT खड़गपुर से पढ़े, टाटा में काम किया, UPSC परीक्षा उत्तीर्ण कर IRS अधिकारी बने, रेमन मैग्सेसे पुरस्कार जीता और तीन बार मुख्यमंत्री रहे व्यक्ति के नाम SIR के तहत मतदाता सूची में शामिल न होने पर सवाल उठाए जा रहे हैं। एक आम आदमी का क्या होगा? उस आम आदमी के पास न तो संपर्क हैं, न नेटवर्क और न ही मीडिया तक पहुंच।”

CEO से मुलाकात का किया जिक्र

दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के साथ AAP की बैठक को याद करते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा, “जब आम आदमी पार्टी दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से मिली, तो उनके साथ दो अन्य अधिकारी भी बैठे थे। उनके रवैये को देखते हुए हमने CEO को चेतावनी दी थी कि ये लोग उनका काम खराब कर देंगे। जब हमने CEO से पूछा कि अगर कोई किरायेदार मकान नंबर 10 से ठीक सामने वाले मकान नंबर 11 में चला जाता है, तो BLO को उसके स्थानांतरण की जानकारी होने के बावजूद चुनाव आयोग उसका वोट कैसे हटा सकता है, तो हमने यह सवाल उनके सामने उठाया।”

करीब 10 लाख वोट हटाने का दावा

बैठक के दौरान हुई चर्चा के बारे में बताते हुए AAP दिल्ली प्रमुख ने कहा कि चुनाव आयोग ने SIR से पहले की प्रक्रिया के दौरान करीब 10 लाख वोट पहले ही हटा दिए थे और करीब 43 प्रतिशत वोट हटाने का लक्ष्य रखा गया है। “CEO ने हमारे सवाल से सहमति जताते हुए कहा कि एक नया फॉर्म उपलब्ध कराया जाना चाहिए। हालांकि, उनके साथ बैठे अधिकारियों ने तुरंत कहा कि SIR फॉर्म केवल उसी व्यक्ति को दिया जाएगा जो पुराने पते पर रहता हो। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति ठीक सामने वाले घर में भी रहने चला गया है, तो उसे फॉर्म नहीं दिया जाएगा, जिसका मतलब है कि उसका वोट निश्चित रूप से रद्द कर दिया जाएगा। दिल्ली में, ऐसे 'स्थानांतरित' मतदाताओं के नाम पर लगभग एक तिहाई वोट रद्द किए जा चुके हैं। इसके अलावा, चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया से पहले ही लगभग 10 लाख वोट रद्द कर दिए थे। कुल मिलाकर, लगभग 43 प्रतिशत वोट रद्द करने का लक्ष्य रखा गया है,” भारद्वाज ने कहा।

मंत्रियों के वोट के पते पर उठाए सवाल

SIR प्रक्रिया के लागू होने पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर खुलेआम धोखाधड़ी हो रही है। “क्या मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता शालीमार बाग में रहती हैं? सबको पता है कि उन्होंने दो मकानों को मिलाकर एक बड़ा मकान बनाया है। फिर BLO को शालीमार बाग में उनका पता कैसे चला? भाजपा मंत्री कपिल मिश्रा सरकारी बंगले में रहते हैं, लेकिन उनका वोट घोंडा, यमुना विहार में दर्ज है, जबकि पूरी दुनिया जानती है कि वे वहां नहीं रहते। शिक्षा मंत्री आशीष सूद चाणक्यपुरी के बंगले में रहते हैं, लेकिन उनका वोट जनकपुरी के ए-ब्लॉक में कैसे दर्ज हो गया? मंत्री रविंदर इंद्रराज डेढ़ साल से सरकारी मकान में रह रहे हैं, लेकिन उनका वोट रोहिणी सेक्टर 23, बावाना में दर्ज है। BLO को इनमें से किसी बात की जानकारी कैसे नहीं थी, और BLO इन लोगों से कहां मिले? यह SIR के नाम पर सरासर धोखाधड़ी है,” भारद्वाज ने आगे कहा।

गरीबों के वोटर कार्ड काटने का लगाया आरोप

सौरभ भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और भाजपा ने SIR प्रक्रिया के तहत गरीब लोगों के वोटर कार्ड काट दिए हैं। “इस धोखाधड़ी की सजा उस गरीब व्यक्ति को दी जा रही है जो दिल्ली में कड़ी मेहनत करके अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहा है। चुनाव आयोग और भाजपा ने उस गरीब व्यक्ति का वोटर कार्ड काट दिया है। भाजपा को इससे क्या नुकसान हो रहा है? कल अगर उस गरीब व्यक्ति का बच्चा बीमार पड़ जाए या उसकी पत्नी का एक्सीडेंट हो जाए, तो उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज नहीं मिलेगा क्योंकि उनके पास वोटर कार्ड नहीं है,” भारद्वाज ने कहा।

वोटर कार्ड हटने से योजनाओं पर असर का दावा

व्यापक परिणामों पर प्रकाश डालते हुए, AAP दिल्ली प्रमुख ने आगे कहा, “अगर बड़े घरों में बर्तन धोने का काम करने वाली किसी गरीब महिला का वोटर कार्ड काट दिया जाता है, तो उसे गुलाबी कार्ड नहीं मिल पाएगा और उसकी 1,000 रुपये की कमाई बस के किराए में खर्च हो जाएगी। गरीब लोगों के बच्चों को स्कूलों में दाखिला नहीं मिलेगा क्योंकि उनके पास वोटर कार्ड नहीं है। भाजपा को इससे कोई नुकसान नहीं हो रहा है, लेकिन उस गरीब व्यक्ति और उसके बच्चों का भविष्य बर्बाद हो जाएगा।”

₹2,500 के मुद्दे पर भी भाजपा पर आरोप

उन्होंने आगे कहा, “भाजपा ने लोगों को 2,500 रुपये का लालच देकर उनके वोट लिए और फिर उन्हीं मतदाताओं के वोट रद्द कर दिए। अब, उसी 2,500 रुपये के फॉर्म में भाजपा सरकार बेशर्मी से वही वोटर कार्ड मांग रही है जिसे उसने खुद रद्द किया था। भाजपा नेता खुलेआम चोरी और धोखाधड़ी कर रहे हैं, और यह धोखा उन गरीब लोगों को दिया जा रहा है जिन्हें अपना वोटर कार्ड दोबारा बनवाने का तरीका नहीं पता। एक गरीब व्यक्ति ने अपने मकान मालिक से लिखित दस्तावेज देने की गुहार लगाई थी ताकि उसका वोट दर्ज हो सके, और अब वह वोट दोबारा दर्ज नहीं होगा।”

सौरभ भारद्वाज ने SIR प्रक्रिया पर जताई चिंता

इस प्रक्रिया को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए सौरभ भारद्वाज ने कहा, “यह बेहद शर्मनाक है कि दिल्ली के लोग भाजपा से नाराज हैं और भाजपा को हार का डर है, इसी वजह से वोट रद्द किए जा रहे हैं। SIR के नाम पर की जा रही यह पूरी कवायद ढोंग है। हम यह मुद्दा इसलिए उठा रहे हैं ताकि कल कोई यह न कह सके कि विपक्ष ने इस मामले पर आवाज नहीं उठाई। अब आगे का फैसला देश की जनता और अदालतों को लेना होगा।”

(एएनआई)

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