मिर्जापुर में बारिश से उखड़ी सड़कें बनीं मुसीबत, अमृत योजना के कार्यों पर उठे सवाल
मिर्जापुर,(उत्तर प्रदेश)। नगर में अमृत पेयजल योजना और सीवर पाइपलाइन परियोजना के तहत हुए कार्यों के बाद सड़कें बदहाल होती जा रही हैं। बारिश शुरू होते ही जगह-जगह बने गड्ढों ने राहगीरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है, कि सड़कों की खराब स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।
बारिश में और बिगड़ी स्थिति
शास्त्री ब्रिज से इमामबाड़ा चौराहा तक कई स्थानों पर सड़कें उखड़ चुकी हैं। लोगों का आरोप है, कि पाइपलाइन बिछाने के लिए बार-बार खुदाई की गई, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद सड़कों की मरम्मत मानकों के अनुरूप नहीं कराई गई। बारिश के बाद ये हिस्से फिर से धंसने लगे हैं।
निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
स्थानीय नागरिकों का कहना है, कि जल निगम द्वारा कराए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। जहां-जहां पाइपलाइन डाली गई है, वहां सड़कें धंसने लगी हैं, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है और हादसों की आशंका बढ़ गई है।
दो वर्षों से बनी हुई है समस्या
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले दो वर्षों से एक ही सड़क पर कई बार खुदाई की गई, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल सका है। सड़कें बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही हैं और गड्ढों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
स्थायी समाधान की मांग
नागरिकों ने प्रशासन से निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने और क्षतिग्रस्त सड़कों की जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। लोगों का कहना है, कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो बरसात के दौरान हादसों का खतरा और बढ़ सकता है।
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