मिर्जापुर के मड़िहान क्षेत्र में निर्माणाधीन थर्मल

मिर्जापुर में निर्माणाधीन थर्मल पावर प्लांट के मैनेजर की हार्ट अटैक से मौत

Mirzapur: Manager Dies of Heart Attack at Under-Construction Power Plant

मिर्ज़ापुर (उत्तर प्रदेश)। यूपी के मिर्ज़ापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र स्थित निर्माणाधीन अडानी कंपनी के थर्मल पावर प्लांट में कार्यरत 45 वर्षीय मैनेजर मधुकर की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। अचानक हुई इस घटना से प्लांट से जुड़े कर्मचारियों और परिचितों में हड़कंप मच गया।

तबीयत बिगड़ी, अस्पताल पहुंचने से पहले मौत

जानकारी के अनुसार असम निवासी मधुकर (45) पुत्र बीफोअर मिर्ज़ापुर जिले के मड़िहान थाना क्षेत्र स्थित ददरी में निर्माणाधीन अडानी कंपनी के थर्मल पावर प्लांट में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। आज अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अधीक्षक डॉ. आरएस वर्मा ने बताया कि मधुकर की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। 

दिल का दौरा बताया जा रहा मौत का कारण

प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण दिल का दौरा पड़ना बताया जा रहा है। बताते चलें कि मड़िहान के ददरी में अड़ानी कंपनी के निर्माणाधीन थर्मल पॉवर प्लांट को लेकर जहां शुरू से ही विरोध होता आया है वहीं कंपनी पर पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी सहित जंगल को नष्ट करने का आरोप है। दूसरी ओर निर्माणाधीन प्लांट के अंदर अब तक श्रमिकों से लेकर कई लोगों की मौत कि सिलसिला भी जारी होने से भय का माहौल देखा जा रहा है।

प्लांट प्रोजेक्ट को लेकर उठ रहे सवाल

दबी जुबान चर्चा है कि पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी सहित कई बिंदुओं को लेकर मिर्ज़ापुर में अडानी कंपनी के निर्माणाधीन थर्मल पॉवर प्रोजेक्ट का मामला सुप्रीम कोर्ट सहित एनजीटी में लंबित है, ऐसे में कंपनी के लोग इस प्रोजेक्ट को दिन-रात एक कर आपाधापी में जल्द से जल्द पूरा करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रहे हैं, ऐसी स्थिति में काम का अत्यधिक बोझ, मानसिक दबाव सहित कई अन्य समस्याओं से जूझते हुए अधिकारियों कर्मचारियों को देखा जा सकता है। यह अलग बात है कि कोई भी इस मसले पर खुलकर बोलने को तैयार नहीं होता है। 

श्रमिक ने बताया काम और दबाव का बोझ

निर्माणाधीन थर्मल पावर प्लांट के अंदर कार्यरत एक श्रमिक नाम न छापे जानें की शर्त पर बताते हैं कि अंदर काम और दबाव का बोझ दोनों है, कंपनी के लोग किसी भी सूरत में जल्द से जल्द पावर प्लांट को पूरा करने के होड़ में लगे हुए हैं, उनपर 'उपर' से दबाव है। 

यह भी पढ़ें:   नरसिंहपुर के नेशनल हाईवे 44 पर हुई दो अलग-अलग घटनाओं में पति की मौत, पत्नी सुरक्षित व गोवंश को बचाने में ट्रक पलटा