सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट (SUMP) का विरोध क

‘विरोध के नाम पर हिंसा और लूटपाट बर्दाश्त नहीं’, पासीघाट की घटना पर MLA निनोंग एरिंग का बयान

MLA Ninong Ering Speaks on Pasighat Violence

पासीघाट: सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट (SUMP) का विरोध कर रहे संगठनों की ओर से 23 अक्टूबर को बुलाए गए 12 घंटे के बंद के बाद पासीघाट में तोड़फोड़, लूटपाट और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं सामने आईं। इसके बाद 37-पासीघाट वेस्ट विधानसभा क्षेत्र के विधायक निनोंग एरिंग ने हिंसा की निंदा करते हुए कहा कि विरोध के नाम पर घरों को लूटना और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सभी पक्षों से जिम्मेदारी से काम करने, शांति और सद्भाव बनाए रखने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने की अपील की।

‘लोकतंत्र में विरोध का अधिकार, लेकिन हिंसा की अनुमति नहीं’

विधायक ने सोमवार को कहा कि लोकतांत्रिक देश में सभी को विरोध प्रदर्शन करने और बंद बुलाने का अधिकार है। हालांकि, विरोध या बंद के नाम पर किसी का घर लूटना, निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और किसी परिवार की भावनाओं को ठेस पहुंचाना किसी भी कीमत पर मंजूर नहीं है। हालिया घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए उन्होंने सभी पक्षों से जिम्मेदारी से काम करने की अपील की, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। एरिंग ने कहा कि जिस घर पर प्रदर्शनकारियों ने हमला किया और लूटपाट की, वह उनके दिवंगत पिता का था। उनके परिवार का उस घर से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है, जिसे वर्ष 1954 में बनाया गया था। उन्होंने बताया कि उनके पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके थे। उन्होंने पंडित जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल में संसदीय सचिव और सांसद के रूप में भी काम किया था। विधायक ने कहा कि ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व वाले इस घर में उनके पिता की तस्वीर जलाए जाने से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है।

प्रशासन की बैठक में बंद और हिंसा पर हुई चर्चा

विधायक ने घटना के बाद जिला प्रशासन की ओर से बुलाई गई एक अहम बैठक का भी जिक्र किया। बैठक में पुलिस महानिरीक्षक (IGP), उपमहानिरीक्षक (DIG), जिला प्रशासन के अधिकारियों, विभिन्न स्थानीय संगठनों के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ नागरिकों ने हिस्सा लिया। बैठक में बंद के कार्यक्रम, उससे पैदा हुए हालात और भविष्य में हिंसा की ऐसी घटनाएं होने पर जिम्मेदारी तय करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। एरिंग के मुताबिक, बैठक में बंद का कार्यक्रम वापस लेने का फैसला किया गया। उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी समूह की ओर से बंद बुलाए जाने पर उस पर सहमति देने के मुद्दे पर विचार किया जाएगा। हालांकि, अगर हालिया घटना जैसी हिंसा, लूटपाट या संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं दोबारा होती हैं, तो इसकी जिम्मेदारी बंद का आह्वान करने वाले संगठन की होगी।

लूटा गया सामान लौटाने की अपील

विधायक ने स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है। लेकिन इस अधिकार का दुरुपयोग कर दूसरों की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, घरों में लूटपाट करना या हिंसक स्थिति पैदा करना उचित नहीं है। उन्होंने युवाओं से इलाके में शांति और भाईचारा बनाए रखने की अपील की। साथ ही, घटना में शामिल लोगों से लूटा गया सामान वापस करने का आग्रह किया। सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट (SUMP) को लेकर अपना पक्ष रखते हुए निनोंग एरिंग ने कहा कि वह जलविद्युत परियोजनाओं पर सलाहकार के रूप में काम करते हैं। ऐसे में बड़ी परियोजनाओं के सकारात्मक और नकारात्मक पहलुओं का विश्लेषण करना और उन पर चर्चा करना उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि वह स्थानीय लोगों की राय, चिंताओं और मांगों को नजरअंदाज करते हैं।

आजीविका, जमीन और पर्यावरण पर असर का आकलन जरूरी

एरिंग के मुताबिक, बांध जैसी बड़ी परियोजनाओं के मामले में केवल मुआवजा देना, सड़कें और पुल बनाना या विकास के वादे करना पर्याप्त नहीं है। परियोजना का स्थानीय लोगों की आजीविका, पारंपरिक जमीन, प्राकृतिक पर्यावरण और सामाजिक जीवन पर क्या असर पड़ेगा, इस पर भी गंभीरता से विचार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित पक्षों की चिंताओं को समझना चाहिए और स्थानीय लोगों के साथ बातचीत तथा परामर्श के जरिए समाधान निकालना चाहिए।

CM पेमा खांडू के बयान का किया जिक्र

विधायक ने बताया कि अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू पहले कह चुके हैं कि यदि स्थानीय लोग बांध नहीं चाहते हैं, तो परियोजना नहीं बनाई जाएगी। ऐसे में इस बड़ी परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों की राय और सहमति को महत्व देना बेहद जरूरी है। एरिंग ने कहा कि हालिया घटना में उनकी पत्नी की संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुंचा है। उनके पास घटना से जुड़े वीडियो और तस्वीरें मौजूद हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ लोगों ने स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की थी, लेकिन वे सफल नहीं हो सके। सियांग नदी पर प्रस्तावित बांध परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं और मतभेदों के बीच पासीघाट में हुई हिंसक घटना ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। विधायक ने सभी पक्षों से संयम बरतने और इलाके में शांति तथा भाईचारा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि बांध परियोजना को लेकर मतभेद और स्थानीय लोगों की चिंताओं का समाधान हिंसा, लूटपाट या संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर नहीं, बल्कि बातचीत, परामर्श और लोकतांत्रिक तरीकों से किया जाना चाहिए।

CM पेमा खांडू ने भी जताई चिंता

इस बीच, मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने शनिवार को पासीघाट में हुई तोड़फोड़, लूटपाट और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं पर चिंता जताई। ये घटनाएं सियांग अपर मल्टीपर्पस प्रोजेक्ट का विरोध कर रहे संगठनों की ओर से 23 अक्टूबर को सियांग, अपर सियांग और पूर्वी सियांग जिलों में बुलाए गए 12 घंटे के बंद के बाद सामने आई थीं।

(एएनआई)

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