प्रधानमंत्री मोदी का आह्वान: खाद्य तेल की खपत घटाना और प्राकृतिक खेती अपनाना देशभक्ति का हिस्सा
सिकंदराबाद: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर देते हुए नागरिकों से खाद्य तेल की खपत घटाने और प्राकृतिक खेती अपनाने की अपील की।
आयात कम करने पर जोर
सिकंदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को विदेशी मुद्रा बचाने के लिए आयात पर निर्भरता कम करनी होगी। उन्होंने विशेष रूप से खाद्य तेल और कृषि से जुड़े उत्पादों का उल्लेख किया।
खाद्य तेल की खपत पर बयान
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यदि हर परिवार खाद्य तेल का उपयोग कम करता है तो यह देश के लिए बड़ा योगदान होगा। इससे न केवल विदेशी मुद्रा की बचत होगी, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा।
प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
प्रधानमंत्री ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत बड़ी मात्रा में उर्वरक आयात करता है, जिसे कम करना आवश्यक है।
आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह समय आर्थिक आत्मनिर्भरता को मजबूत करने का है। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों और आपूर्ति श्रृंखला के दबाव के बीच भारत को अपने संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करना होगा।
देशभक्ति की नई परिभाषा
प्रधानमंत्री मोदी ने देशभक्ति की अवधारणा को व्यापक रूप देते हुए कहा कि यह केवल सीमा पर बलिदान तक सीमित नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन में जिम्मेदारी से जीना और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यों का पालन करना भी है।
ऊर्जा और परिवहन में बदलाव का सुझाव
उन्होंने नागरिकों से ईंधन की बचत के लिए सार्वजनिक परिवहन, मेट्रो, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ाने की अपील की। साथ ही माल ढुलाई के लिए रेल परिवहन को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया।
एएनआई
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