करंट की चपेट में आया बंदर और बच्चा, पशु प्रेमी ने इलाज कर बचाई जान; स्वस्थ होकर जंगल लौटे दोनों
बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के मीरगंज में बिजली के करंट की चपेट में आने से घायल हुए एक बंदर और उसके बच्चे की पशु प्रेमी सुनीता सिंह ने इलाज और देखभाल कर जान बचाई। कई दिनों तक उपचार के बाद दोनों स्वस्थ हो गए, जिसके बाद उन्हें जंगल में छोड़ दिया गया। अब दोनों पेड़ों पर घूमते नजर आ रहे हैं।
करंट लगने की सूचना पर पहुंचीं सुनीता
सुनीता सिंह ने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें सूचना दी थी कि एक बंदर बिजली के करंट की चपेट में आकर घायल हो गया है। उसके साथ उसका बच्चा भी मौजूद है। जानकारी मिलते ही वह मौके पर पहुंचीं और बंदर के इलाज की व्यवस्था कराई। इसके बाद बंदर को अपने घर पर रखकर उसकी देखभाल की गई। उन्होंने बताया कि बंदर की नियमित मालिश करने के साथ उसके खाने-पीने का भी ध्यान रखा गया। इलाज और देखभाल के बाद धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार होने लगा।
स्वस्थ होने के बाद जंगल में छोड़ा
कई दिनों तक उपचार और देखभाल के बाद बंदर और उसके बच्चे को स्वस्थ होने पर जंगल में छोड़ दिया गया। अब दोनों पेड़ों पर घूमते नजर आ रहे हैं। सुनीता सिंह के मुताबिक, इससे पहले भी वह कुत्तों, बंदरों, बाज समेत कई पशु-पक्षियों के इलाज में मदद कर चुकी हैं।
बेजुबान जानवरों की मदद की अपील
सुनीता सिंह ने कहा कि बेजुबान जानवर अपनी तकलीफ किसी को बता नहीं सकते। ऐसे में लोगों को उनके प्रति संवेदनशील होकर मदद के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र के लोगों से अपील की कि अगर कहीं कोई पशु-पक्षी घायल या परेशान हालत में दिखाई दे तो इसकी सूचना उन्हें दें। वह अपनी क्षमता के अनुसार उसके इलाज और मदद के लिए हमेशा तैयार रहेंगी।
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