मुरैना में जमीन अधिग्रहण पर बवाल, किसानों ने मांगा चार गुना मुआवजा
मुरैना (मध्यप्रदेश)। ग्वालियर-आगरा ग्रीनफील्ड सिक्सलेन प्रोजेक्ट के लिए किए जा रहे जमीन अधिग्रहण ने अब तूल पकड़ लिया है। मुरैना जिले में मुआवजे की राशि को लेकर किसानों के बीच भारी असंतोष है। इसके चलते सैकड़ों किसानों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि उन्हें उनकी उपजाऊ जमीन के बदले दी जा रही राशि अपर्याप्त है। किसान अब सरकार से मौजूदा दर से चार गुना अधिक भुगतान की मांग कर रहे हैं। इस प्रोजेक्ट के तहत लगभग 200 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया वर्तमान में जारी है।
अप्रैल से शुरू कर दिया जाएगा मुआवजा का भुगतान
भारी विरोध के बीच, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया है। NHAI ने किसानों को भरोसा दिलाया है कि मुआवजे का भुगतान अप्रैल माह तक शुरू कर दिया जाएगा। आगरा-ग्वालियर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे एक महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट है जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा। हालांकि, मुरैना के प्रभावित किसानों का आरोप है कि प्रशासन जमीन का उचित मूल्य तय करने में विफल रहा है।
बाजार मूल्य पर मुआवजा की मांग
किसानों के इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। इससे अधिग्रहण प्रक्रिया में रुकावट आने की संभावना है। किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और उन्हें बाजार भाव से बेहतर मुआवजा नहीं मिलता, वे जमीन का कब्जा नहीं छोड़ेंगे। वहीं, प्राशासन बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहा है। प्रशासन और NHAI अब बीच का रास्ता निकालने की कोशिश कर रहे हैं ताकि इस महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजना में और देरी न हो।
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