मुरैना में सड़क निर्माण की मांग को लेकर अनशन पर बैठे नवनीत तोमर को पुलिस ने उठाया, भेजा गया जेल
मुरैना,(मध्य प्रदेश)। जोंहा-श्यामपुर खुर्द सड़क निर्माण की मांग को लेकर तीन दिन से आमरण अनशन पर बैठे नवनीत तोमर के आंदोलन का शुक्रवार शाम नाटकीय घटनाक्रम के साथ अंत हो गया। पुलिस और प्रशासन की टीम एम्बुलेंस लेकर अनशन स्थल पर पहुंची और नवनीत तोमर को अपने साथ ले गई। बाद में उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया और उन्हें न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेज दिया गया।
पुलिस ने अन्य साथियों को डंडे मारकर एम्बुलेंस से उतारा
इस कार्रवाई को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया है। नवनीत के समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने पहले आश्वासन दिया कि उनकी मांग स्वीकार कर ली गई है, जिसके बाद नवनीत और उनके साथ मौजूद लोगों को एम्बुलेंस में बैठाया गया। समर्थक पवन माहुने का आरोप है कि रास्ते में पुलिस ने अन्य साथियों को डंडे मारकर एम्बुलेंस से उतार दिया, जबकि नवनीत को अपने साथ मुरैना ले गई।
आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं
हालांकि, पुलिस की ओर से इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। प्रशासन का कहना है कि अनशनकारी की बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें चिकित्सकीय परीक्षण के लिए अस्पताल ले जाया गया और आगे की वैधानिक कार्रवाई की गई।
क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं तेज
उल्लेखनीय है, कि नवनीत तोमर पिछले तीन दिनों से अन्न-जल त्यागकर जोंहा-श्यामपुर खुर्द मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण ग्रामीणों, विद्यार्थियों, गर्भवती महिलाओं और मरीजों को रोजाना कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस कार्रवाई और जेल भेजे जाने के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं तेज हो गई हैं।
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