सरकार का फिजूलखर्ची पर लगाम, मध्य प्रदेश में अब नहीं बनेंगे 'स्वागत द्वार'
भोपाल (एमपी)। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में वित्तीय अनुशासन और जनहित को प्राथमिकता देते हुए एक कड़ा और बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब नगरीय निकायों में स्वागत द्वार (Welcome Gates) बनाने पर पूरी तरह से रोक रहेगी। सरकार ने फिजूलखर्ची पर नकेल कसते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे दिखावटी कामों के बजाय आम जनता की जरूरतों को पूरा करें।
अधिकारियों को दी कड़ी चेतावनी
अपर मुख्य सचिव ने चेतावनी जारी की है कि यदि कोई भी अधिकारी इस आदेश का उल्लंघन करता है और स्वागत द्वार का निर्माण करता है, तो उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य यह है कि जो करोड़ों रुपये इन स्वागत द्वारों पर खर्च किए जाते हैं, उन पैसों का उपयोग सड़क, नालियों की सफाई और शुद्ध पेयजल जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं के विकास में किया जाए।
टैक्स का पैसा सही तरीक से इस्तेमाल हो
नगरीय निकायों की स्थिति पर एक्शन: यह कदम नगरीय निकायों की खस्ताहाल स्थिति को देखते हुए उठाया गया है ताकि जनता के टैक्स का पैसा विकास कार्यों में सही तरीके से इस्तेमाल हो सके। यह निर्णय नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा लिया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य में फिजूलखर्ची को रोकना और नगरीय प्रशासन को अधिक जिम्मेदार बनाना है।
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