मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग के नियमों में बदलाव को मंजूरी
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मध्य प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे को और अधिक सशक्त और सुव्यवस्थित बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। सरकार ने 'मध्य प्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग' के गठन संबंधी प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दे दी है।
आयोग के अध्यक्ष की योग्यता
कैबिनेट ने तय किया है कि आयोग का अध्यक्ष वही व्यक्ति होगा जिसके पास पर्याप्त प्रशासनिक अनुभव और योग्यता हो। इसका उद्देश्य पुनर्गठन की प्रक्रिया को विशेषज्ञता के साथ पूरा करना है। यह बदलाव 12 मार्च 2024 को मध्य प्रदेश राजपत्र (असाधारण) में प्रकाशित मूल निर्देशों में किया गया है। आयोग का मुख्य कार्य प्रदेश की प्रशासनिक इकाइयों (जैसे संभाग, जिला और तहसील) की सीमाओं का पुनर्निर्धारण करना है ताकि जनता को सरकारी सेवाओं का लाभ बेहतर तरीके से मिल सके।
सीमाओं को फिर से परिभाषित किया
इस आयोग के माध्यम से मध्य प्रदेश सरकार भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए जिलों और संभागों की सीमाओं को फिर से परिभाषित करेगी। इसकी शुरुआत इंदौर संभाग से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की जा रही है। यह संशोधन प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और भौगोलिक विसंगतियों को दूर करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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