मप्र में पीएनजी का विस्तार, 3 महीने बाद बंद हो सकती है एलपीजी सप्लाई
भोपाल। मध्य प्रदेश में अब रसोई गैस सिलिंडर (LPG) के बजाय पाइपलाइन वाली प्राकृतिक गैस (PNG) पर सरकार का पूरा जोर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी की लाइन बिछ चुकी है, वहां अब एलपीजी की आपूर्ति बंद की जा सकती है।
90 दिन के भीतर पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य
नए नियमों के अनुसार, यदि आपके क्षेत्र में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है, तो आपको 3 महीने (90 दिन) के भीतर पीएनजी कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। यदि इस अवधि में आवेदन नहीं किया गया, तो संबंधित पते पर एलपीजी (LPG) सिलिंडर की सप्लाई बंद कर दी जाएगी।
युद्ध स्तर हो रहा है पीएनजी का विस्तार
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और देवास जैसे प्रमुख शहरों में पीएनजी नेटवर्क का विस्तार युद्ध स्तर पर किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ स्कूलों, हॉस्टलों और आंगनबाड़ियों को भी इससे जोड़ना है। गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए प्रशासन को 10 दिनों के भीतर मंजूरी (Right of Way) देनी होगी। यदि 10 दिन में जवाब नहीं मिलता, तो उसे 'डीम्ड अप्रूवल' (स्वचालित मंजूरी) माना जाएगा।
कंपनी को 5 दिन में कनेक्शन देने के निर्देश
आवेदन प्राप्त होने के बाद गैस कंपनियों को अगले 5 दिनों के भीतर कनेक्शन देना अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसलिए लिया गया यह फैसला
पीएनजी को एलपीजी की तुलना में अधिक सुरक्षित और प्रदूषण मुक्त माना जाता है। सिलिंडर की चोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार पाइपलाइन नेटवर्क को बढ़ावा दे रही है। अंतरराष्ट्रीय कारणों (जैसे पश्चिम एशिया में युद्ध) से एलपीजी की आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा रहता है, जबकि पीएनजी एक बेहतर और निरंतर विकल्प है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जहां तकनीकी कारणों से पाइपलाइन नहीं पहुंच सकती, वहां एनओसी (NOC) के आधार पर एलपीजी की सुविधा जारी रहेगी।
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