भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार प्रोबेशन अवधि में कम वेतन

मप्र में प्रोबेशन में वेतन कटौती मामले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे सकती है राज्य सरकार

Madhya Pradesh

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार प्रोबेशन अवधि में कम वेतन देने के मामले में हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। यह मामला वर्ष 2018 से 2025 के बीच कर्मचारी चयन मंडल और अन्य माध्यमों से भर्ती हुए क्लास-3 और क्लास-4 के करीब 40 हजार कर्मचारियों से जुड़ा हुआ है।

तीन साल तक कम वेतन दिया गया

जानकारी के अनुसार इस अवधि में कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से 32,318 कर्मचारियों की भर्ती हुई थी, जबकि लगभग 7,500 कर्मचारियों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। इन कर्मचारियों को तीन साल की प्रोबेशन अवधि में चरणबद्ध तरीके से कम वेतन दिया गया था।

हाई कोर्ट का फैसला

हाई कोर्ट ने ‘समान कार्य, समान वेतन’ के सिद्धांत के आधार पर कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए तीन साल का एरियर देने के निर्देश दिए थे।

सरकार पर 275 करोड़ का आर्थिक बोझ बढ़ सकता है

सरकार के विभागीय आकलन के अनुसार, यदि कर्मचारियों को एरियर दिया जाता है तो राज्य सरकार पर करीब 275 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी

इसी कारण सरकार इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की तैयारी कर रही है। बताया जा रहा है कि इस मामले में एडवोकेट जनरल से भी अभिमत लिया गया है और सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने के लिए अभी लगभग एक महीने का समय शेष है।

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