शहर में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर, सेंट्रल डिवाइ

एलिवेटेड कॉरिडोर पर प्रशासन की तैयारी पर हाईकोर्ट सख्त

MP High Court Slams Administration Over Stalled Indore Infrastructure

इंदौर। शहर में प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर, सेंट्रल डिवाइडर और बीआरटीएस से जुड़े अधूरे कार्यों को लेकर इंदौर हाईकोर्ट ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने कहा, विकास कार्यों में लापरवाही का खामियाजा अंततः आम जनता को भुगतना पड़ता है।

विरोधाभास पर नाराजगी

जस्टिस विजय कुमार शुक्ला ने टेंडर दस्तावेजों में पाई गई अस्पष्टता और निर्णयों में विरोधाभास पर नाराजगी जाहिर की। कोर्ट ने कहा कि बार-बार समय मांगना और जिम्मेदारी से बचना स्वीकार्य नहीं है। प्रशासन को बहाने नहीं, ठोस काम दिखाना होगा।

यातायात व्यवस्था के साथ सुरक्षा पर भी असर

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि समय रहते अधूरे कार्य पूरे नहीं किए गए, तो इससे यातायात व्यवस्था के साथ-साथ नागरिकों की सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ेगा। कोर्ट ने प्रशासन से स्पष्ट कार्ययोजना और जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई में प्रशासन को प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए गए हैं।

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