मप्र में सरकार ने शुरू की किसानों के लिए सहकारिता महा-अभियान
भोपाल। मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने किसानों के कल्याण के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए 'सहकारिता महा-अभियान' की शुरुआत की है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में सहकारिता का विस्तार करना और किसानों को सीधे सरकारी सुविधाओं से जोड़ना है। भारत सरकार के 'सहकार से समृद्धि' मंत्र को साकार करने के लिए मध्य प्रदेश में यह विशेष अभियान 14 अप्रैल 2026 (डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती) से शुरू होकर 15 मई 2026 तक चलाया जा रहा है।
सहकारिता अभियान का लक्ष्य
प्रदेश के 10 लाख नए किसानों को सहकारी समितियों (PACS) का सदस्य बनाना। किसान मात्र ₹600 की शेयर कैपिटल जमा कर समिति की सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश की 4500 से अधिक प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों का सुदृढ़ीकरण और विस्तार किया जाएगा। छोटे किसानों और महिला किसानों को सदस्यता में प्राथमिकता दी जाएगी।
किसानों को यह होगा लाभ
इस अभियान के तहत समितियों से जुड़ने पर किसानों को कई सुविधाएं मिलेंगी। इसमें सदस्य किसानों को खेती के लिए बिना ब्याज (0%) के अल्पकालीन ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही समितियों के माध्यम से उन्नत बीज, उर्वरक (खाद) और कीटनाशक आसानी से और सही दाम पर मिलेंगे।
मुनाफा में मिलेगा लाभ
समिति का सदस्य होने के नाते, किसान संस्था को होने वाले मुनाफे (Dividend) में भी हिस्सेदार बनेंगे। किसानों को भंडारण (Storage) और विपणन (Marketing) की बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
इस तरह ले सदस्यता
इच्छुक किसान इस अभियान के दौरान अपनी नजदीकी प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (PACS) में जाकर संपर्क कर सकते हैं। सरकार ने इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से भी आवेदन की व्यवस्था की है ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और सरल रहे। मालूम हो कि वर्ष 2026 को मध्य प्रदेश सरकार "कृषक कल्याण वर्ष" के रूप में मना रही है, जिसके तहत सहकारिता विभाग ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
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