सदर अस्पताल मुंगेर में इलाज के दौरान एक मरीज की मौ

मुंगेर सदर अस्पताल में मरीज की मौत पर हंगामा, प्लेटलेट्स चढ़ाने के बाद बिगड़ी थी हालत; इलाज में लापरवाही का आरोप

Munger Hospital Patient Dies, Ruckus Erupts

मुंगेर {बिहार}: सदर अस्पताल मुंगेर में इलाज के दौरान एक मरीज की मौत के बाद बुधवार को स्वजन और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने अस्पताल पहुंचकर विरोध जताया और इमरजेंसी व ओपीडी सेवा बंद करा दी। स्वजन ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। मृतक की पत्नी नेहा कुमारी ने बताया कि उनके पति मंगलवार सुबह करीब 10 बजे खुद चलकर अस्पताल पहुंचे थे। अस्पताल आने के समय उनकी स्थिति ठीक थी। इसकी पुष्टि अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज से भी की जा सकती है।

प्लेटलेट्स चढ़ाने के बाद बिगड़ी हालत

नेहा ने आरोप लगाया कि प्लेटलेट्स की व्यवस्था के नाम पर ब्लड बैंक कर्मी ने उनसे 10 हजार रुपये लिए थे। उनका कहना है कि प्लेटलेट्स चढ़ाने के दौरान उनके पति की तबीयत बिगड़ने लगी। पहली बोतल चढ़ाने के बाद हालत खराब होने पर दूसरी बोतल भी चढ़ाई गई। स्थिति अधिक गंभीर होने के बाद चिकित्सकों ने उन्हें रेफर करने की बात कही और भागलपुर ले जाने को कहा। इसी दौरान उनकी स्थिति और बिगड़ गई।

स्वजन ने की प्लेटलेट्स की जांच की मांग

घटना के बाद स्वजन और ग्रामीणों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए इलाज में शामिल चिकित्सक व नर्स को सामने बुलाकर पूरे मामले की जानकारी देने की मांग की। स्वजन का कहना है कि मरीज को दिए गए प्लेटलेट्स की भी जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि प्लेटलेट्स सही था या नहीं। साथ ही इलाज के दौरान अपनाई गई प्रक्रिया की भी जांच हो।

दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी

मृतक की पत्नी ने कहा कि उनके दो छोटे बच्चे हैं। पति की मौत के बाद दोनों बच्चों की जिम्मेदारी उनके ऊपर आ गई है। ऐसे में परिवार का जीवन कैसे चलेगा, इसकी चिंता सता रही है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने के साथ परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। विरोध के कारण कुछ समय तक अस्पताल की इमरजेंसी और ओपीडी सेवा प्रभावित रही।

सिविल सर्जन ने जांच का दिया भरोसा

सिविल सर्जन डॉ. राजू कुमार ने कहा कि मरीज की मौत के मामले की जानकारी ली जा रही है। स्वजन की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। इलाज में शामिल चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मियों से भी पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी। प्लेटलेट्स को लेकर लगाए गए आरोपों की भी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी।

ओपीडी सेवा भी हुई प्रभावित

मॉडल सदर अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार देर रात इलाज के दौरान सीताकुंड कल्याणक निवासी धीरज कुमार (30) की मौत के बाद स्वजन का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित लोगों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए इमरजेंसी में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की। स्थिति ऐसी हो गई कि रात से लेकर बुधवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे तक इमरजेंसी सेवा बाधित रही। इस दौरान लगभग 60 मरीज लौट गए। बुधवार सुबह इमरजेंसी के बाद ओपीडी सेवा भी करीब आधे घंटे तक प्रभावित रही। सूचना मिलते ही कोतवाली, पूरबसराय और कासिम बाजार थाने की पुलिस अस्पताल पहुंची। सदर बीडीओ भी मौके पर पहुंचे। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी के बावजूद स्वजन का आक्रोश देर तक बना रहा।

पत्नी बोलीं- चलकर अस्पताल आए थे पति

युवक की पत्नी नेहा कुमारी ने आरोप लगाया कि उनके पति मंगलवार सुबह करीब 10 बजे खुद चलकर अस्पताल पहुंचे थे, जिसकी पुष्टि सीसीटीवी फुटेज से हो सकती है। उनका आरोप है कि प्लेटलेट्स के नाम पर करीब 10 हजार रुपये लिए गए। पहली बोतल चढ़ाने के बाद ही हालत बिगड़ने लगी, फिर दूसरी बोतल चढ़ाई गई। स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने भागलपुर रेफर करने की बात कही।

जांच का आश्वासन, पोस्टमार्टम कराया गया

बीडीओ ने स्वजन को आश्वस्त किया कि लिखित आवेदन मिलने के बाद मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव का पोस्टमार्टम कराया गया है। तीन सदस्यीय टीम ने पोस्टमार्टम किया। प्रशासन और स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद अस्पताल की स्थिति सामान्य हो सकी।

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