बिहार में मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा रोड होगा 4 लेन, बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी
पटना (बिहार)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बुधवार को राज्य में सड़क कनेक्टिविटी, रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता, सिंचाई, कृषि, भंडारण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने वाली केंद्र और राज्य सरकार की कई पहलों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से बिहार के विकास को नई गति मिलेगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा फोरलेन परियोजना को कैबिनेट की मंजूरी
मुख्यमंत्री ने NH-22 के 82.578 किलोमीटर लंबे मुजफ्फरपुर-सितामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन को चार लेन के मानक तक अपग्रेड करने के लिए केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी का स्वागत किया। इस परियोजना पर 3,590.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे और इसे हाइब्रिड एन्युइटी मोड के तहत विकसित किया जाएगा। चौधरी के मुताबिक, इससे उत्तर बिहार में सड़क संपर्क, परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
रक्षा उपकरणों के घरेलू उत्पादन से मजबूत होगी रणनीतिक क्षमता
उन्होंने कहा कि यह परियोजना विकसित बिहार के लक्ष्य की दिशा में एक अहम कदम है और इससे क्षेत्र में आधुनिक सड़क सुविधाओं का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री ने 405 रणनीतिक रक्षा उपकरणों को देश में ही बनाने के केंद्र के फैसले का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि तेजस, एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर, टैंक, युद्धपोत और मिसाइलों से जुड़े उपकरणों के घरेलू उत्पादन से भारत की रणनीतिक क्षमता मजबूत होगी। साथ ही, देश के रक्षा उद्योग और MSME क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलेगा।
बक्सर-भागलपुर छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को मिली मंजूरी
इसके अलावा, बिहार में बक्सर से भागलपुर के बीच 336 किलोमीटर लंबे छह लेन के पूरी तरह एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के विकास के सैद्धांतिक प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का भी चौधरी ने स्वागत किया। यह एक्सप्रेसवे अरवल, नालंदा, जमुई, जहानाबाद समेत अन्य जिलों से होकर गुजरेगा। परियोजना को BSRDCL के माध्यम से PPP मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव है।
11 हजार निजी नलकूपों के लिए 305.60 करोड़ रुपये मंजूर
सिंचाई क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान 11,000 निजी नलकूप लगाने के लिए 305.60 करोड़ रुपये की संशोधित प्रशासनिक मंजूरी की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के किसानों के खेतों तक सिंचाई के लिए पानी पहुंचाने में मदद मिलेगी।
बिहार में AI इकोसिस्टम विकसित करने की नई पहल
बिहार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में भी नई पहल को मंजूरी दी गई है। राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग और ताइयो AI इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के बीच AI इकोसिस्टम विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने को मंजूरी मिली है। सरकार का उद्देश्य तकनीक और इनोवेशन के जरिए राज्य को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करना है।
कटिहार में नहर प्रणालियों के जीर्णोद्धार को 35.82 करोड़ की मंजूरी
कटिहार सिंचाई डिवीजन के तहत कटिहार डिस्ट्रीब्यूटरी, फूलपुर, हसनगंज, बैजनाथपुर और सेमापुर सब-डिस्ट्रीब्यूटरी तथा उनसे जुड़ी नहर प्रणालियों के जीर्णोद्धार के लिए 35.82 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय मंजूरी दी गई है। इससे सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने और किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
सहकारी क्षेत्र में 48,200 मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित होगी
सहकारी क्षेत्र में 2026-27 के दौरान 48,200 मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत 200, 500 और 1,000 मीट्रिक टन क्षमता वाले गोदाम बनाए जाएंगे। 52 चयनित समितियों को इसके लिए कुल 34.95 करोड़ रुपये दिए जाएंगे, जिसमें 50 प्रतिशत अनुदान और 50 प्रतिशत रिवॉल्विंग कैपिटल शामिल है।
डेयरी क्षेत्र में नस्ल सुधार योजना को 63.92 करोड़ की मंजूरी
डेयरी क्षेत्र में दूध उत्पादन और पशु उत्पादकता बढ़ाने के लिए 63.92 करोड़ रुपये की नस्ल सुधार योजना को भी मंजूरी दी गई है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 में COMFED, पटना के माध्यम से लागू की जाएगी।
जानकीनगर शाखा नहर के जीर्णोद्धार को 30.35 करोड़ रुपये मंजूर
इसके अलावा, नरपतगंज सिंचाई डिवीजन के तहत जानकीनगर शाखा नहर और उससे जुड़ी नहर प्रणालियों के जीर्णोद्धार के लिए 30.35 करोड़ रुपये की प्रशासनिक एवं व्यय मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, सिंचाई और कृषि से जुड़ी इन परियोजनाओं से किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
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