सिंगरौली में पहली बारिश में ध्वस्त हुई नई सड़क, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
सिंगरौली (मध्य प्रदेश)। जनपद पंचायत चितरंगी के कोरसर कोठार-लऊआर मार्ग पर स्थित पिपरा पुल तक पहुंचने वाली अप्रोच सड़क पहली ही बारिश में पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। महज कुछ महीने पहले बनी यह सड़क अब बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों में निर्माण कार्य की घटिया गुणवत्ता को लेकर भारी नाराजगी है।
मार्च-अप्रैल में बनी सड़क अगस्त में टूटी
जानकारी के मुताबिक, इस अप्रोच मार्ग और पुल का निर्माण हाल ही में मार्च-अप्रैल के महीने में कराया गया था। यह महत्वपूर्ण मार्ग आगे चलकर सीधी-सिंगरौली नेशनल हाईवे से जुड़ता है। लेकिन निर्माण के महज चार-पांच महीनों के भीतर ही, अगस्त की शुरुआती बारिश में ही डामर की परतें उखड़ गईं और सड़क जगह-जगह से धंस गई। सड़क निर्माण के समय मानकों का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण यह पहली बरसात का सामना भी नहीं कर सकी।
100-100 मीटर डामर मार्ग धसका, हादसे का खतरा
पुल के दोनों तरफ लगभग 100-100 मीटर का डामर मार्ग पूरी तरह से धसक चुका है और पिछले 20 दिनों से बदहाल स्थिति में है। इसके बावजूद अब तक मरम्मत का कोई कार्य शुरू नहीं कराया गया है। सड़क की इस जर्जर हालत के कारण यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों और ग्रामीणों के लिए हर समय दुर्घटना का अंदेशा बना रहता है।
अत्यधिक बारिश का बहाना बना रहे जिम्मेदार
मामले में निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार पीआईयू और ब्रिज कॉरपोरेशन के अधिकारी मरम्मत कराने के बजाय अत्यधिक बारिश होने का हवाला देकर अपनी कमियों और घटिया निर्माण पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कराई जाए और दोषियों पर कार्रवाई करते हुए जल्द से जल्द मार्ग को दुरुस्त किया जाए।
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