एनआईसी उत्तराखंड ने जन परिचय पर एक दिवसीय कार्यशाल

एनआईसी उत्तराखंड ने जन परिचय पर आयोजित की कार्यशाला, 100 से अधिक अधिकारियों ने किया प्रतिभाग

NIC Uttarakhand Holds Workshop on Jan Parichay for 100+ Officials

देहरादून (उत्तराखंड)। राष्ट्रीय सूचना-विज्ञान केंद्र (NIC) उत्तराखंड ने डिजिटल गवर्नेंस और नागरिक सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में एक दिवसीय जन परिचय – पहचान एक, सेवाएं अनेक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में राज्य सरकार के 100 से अधिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जहां मेरी पहचान सिंगल साइन ऑन प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली, सुविधाओं, साइबर सुरक्षा और माइग्रेशन प्रक्रिया की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में आईटी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे ने नागरिक-केंद्रित सेवाओं की तेज डिलीवरी के लिए ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपनाने पर जोर दिया।

मेरी पहचान से एक क्रेडेंशियल के जरिए सेवाओं तक पहुंच

अरविंद कुमार दधीचि ने बताया कि मेरी पहचान एक राष्ट्रीय सिंगल साइन ऑन प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से नागरिक एक ही यूजर क्रेडेंशियल से देशभर की विभिन्न सार्वजनिक और निजी सेवाओं तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि मेरी पहचान का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जुलाई 2022 में गांधीनगर, गुजरात में किया था। उनके अनुसार, अब तक इस प्लेटफॉर्म से लगभग 3,000 से अधिक परियोजनाएं जुड़ चुकी हैं, प्रतिदिन 55 लाख से अधिक ट्रांजैक्शन होते हैं और 2 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता इससे लाभान्वित हो रहे हैं।

आईटी सचिव ने प्लेटफॉर्म को जल्द अपनाने का किया आह्वान

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड सरकार के आईटी सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडे रहे। उन्होंने नागरिक-केंद्रित सेवाओं की तेज डिलीवरी और डिजिटल गवर्नेंस में जन परिचय जैसी पहलों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य के सभी विभागों से इस प्लेटफॉर्म को जल्द अपनाने का आह्वान किया। इससे पहले एनआईसी मुख्यालय, नई दिल्ली के वैज्ञानिक-जी एवं उप महानिदेशक वी.टी.वी. रमण ने उद्घाटन संबोधन में सिंगल साइन ऑन सरकारी प्लेटफॉर्म को नागरिक सेवाओं के लिए सुरक्षित बताया।

तकनीकी सत्रों में SSO और साइबर सुरक्षा पर जानकारी

उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। जन परिचय प्रभाग, एनआईसी के वरिष्ठ निदेशक (आईटी) संजय शर्मा ने SSO जन परिचय विषय पर कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत की। इसके बाद संयुक्त निदेशक (आईटी) अमित कुमार ने जन परिचय की मूल्य-वर्धित सेवाओं की जानकारी दी।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट वैभव पाठक ने साइबर सुरक्षा पर विशेष सत्र लिया। उन्होंने डिजिटल प्रमाणीकरण प्रणालियों में सुरक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं पर जानकारी दी। अंतिम तकनीकी सत्र में संयुक्त निदेशक (आईटी) कुंदन कुमार ने “जन परिचय” के फीचर डेमोंस्ट्रेशन और माइग्रेशन प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रदर्शन किया।

100 से अधिक अधिकारियों ने किया प्रतिभाग

कार्यशाला के समापन अवसर पर एनआईसी उत्तराखंड के उप महानिदेशक संजय गुप्ता ने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यशाला में राज्य के विभिन्न विभागों से 100 से अधिक अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इसके साथ ही एनआईसी उत्तराखंड राज्य इकाई के अधिकारी और राज्य के विभिन्न जनपदों से आए जिला सूचना-विज्ञान अधिकारी (DIO) भी कार्यशाला में उपस्थित रहे।

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