पेंशन रुकने की अब नहीं होगी परेशानी, डीएम ने अधिकारियों को दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश
बलिया: जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने जिले के सभी पेंशनधारकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनके त्वरित निस्तारण की विशेष पहल की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि शासन की मंशा के अनुसार कोई भी पात्र लाभार्थी पेंशन से वंचित नहीं रहना चाहिए। जिन लाभार्थियों की पेंशन किसी तकनीकी त्रुटि के चलते रुक गई है या जिन्हें अभिलेखों में भूलवश मृत दर्शा दिया गया है, वे सीधे संबंधित कार्यालय पहुंचकर अपनी समस्या का समाधान करा सकते हैं। पेंशन योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और समय पर लाभ पहुंचाने के मामले में बलिया ने उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में छठा स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के बाद अब जिला प्रशासन का मुख्य लक्ष्य व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाकर बलिया को पूरे प्रदेश में पहले पायदान पर पहुंचाना है। इसके लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर पेंशन संबंधी शिकायतों के निस्तारण के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
इन वजहों से रुक रही लाभार्थियों की पेंशन
विभागीय जांच में यह बात सामने आई है कि अधिकांश मामलों में पेंशन रुकने की मुख्य वजह पहचान से जुड़ी तकनीकी त्रुटियां, परिवार रजिस्टर की नकल न होना, बैंक खाते का निष्क्रिय होना या सरकारी रिकॉर्ड में गलत प्रविष्टि होना है। इन कमियों के कारण कई पात्र बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को समय पर आर्थिक सहायता नहीं मिल पा रही है।
जरूरी दस्तावेज लेकर कार्यालय पहुंचें लाभार्थी
जिलाधिकारी ने प्रभावित लाभार्थियों से अपील की है कि वे अपने जरूरी पहचान पत्र, बैंक पासबुक और परिवार रजिस्टर की नकल के साथ विभागीय कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी स्थिति स्पष्ट करें। प्रशासन का मानना है कि इन लंबित मामलों के हल होते ही सभी वंचितों को दोबारा पेंशन मिलने लगेगी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी और जनपद शत-प्रतिशत संतृप्ति की ओर बढ़ेगा।
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