टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने भाजपा पर चुनावी अनिय

'भाजपा जब सत्ता से बाहर होगी, तो किसी को बख्शा नहीं जाएगा': अभिषेक बनर्जी

TMC National General Secretary Abhishek Banerjee

कोलकाता (पश्चिम बंगाल)। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को बड़े पैमाने पर चुनावी अनियमितताओं का आरोप लगाया और सत्ता परिवर्तन होने पर अधिकारियों को कानूनी परिणामों की चेतावनी दी। पत्रकारों से बात करते हुए बनर्जी ने चुनाव आयोग के भीतर आम सहमति पर सवाल उठाया और बताया कि खुद चुनाव आयुक्तों ने संकेत दिया था कि फैसले सर्वसम्मति से नहीं लिए गए थे।

विसंगतियों को सुलझाने के बहाने 30 लाख मतदाताओं के नाम हटाए

उन्होंने आरोप लगाया कि 'तार्किक विसंगतियों' को सुलझाने के बहाने 30 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए, और तर्क दिया कि अगर इस तरह की अंतरिम व्यवस्था से उस पैमाने पर मतदाताओं के मताधिकार का हनन हुआ है, तो यह पूरे जनादेश की वैधता पर सवालिया निशान लगाता है। उन्होंने कहा कि खुद चुनाव आयुक्त यह मुद्दा उठा रहे हैं कि कोई सर्वसम्मति से फैसला नहीं लिया गया। अगर 'तार्किक विसंगति' एक अंतरिम व्यवस्था है और इसके कारण 30 लाख नाम हटा दिए गए, तो इसके बाद चुने गए विधायक भी अंतरिम हैं। चुनी हुई सरकार भी अंतरिम है। सीएम भी अंतरिम हैं।

मनोज कुमार अग्रवाल के खिलाफ मामला जरूर दर्ज होगा

एक दिन उनके खिलाफ (तत्कालीन सीईओ मनोज कुमार अग्रवाल) मामला जरूर दर्ज किया जाएगा। आज भाजपा सत्ता में है, लेकिन एक दिन वे चले जाएंगे। उसके बाद निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी। उन्होंने मॉडल आचार संहिता (MCC) समाप्त होने से पहले ही मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का मुख्य सचिव नियुक्त करने के पीछे की जल्दबाजी पर सवाल उठाया, और साथ ही चुनाव के बाद राज्य के पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता को मुख्यमंत्री के राजनीतिक सलाहकार के रूप में नियुक्त किए जाने की भी आलोचना की।

कानून और संविधान के दायरे में रहकर काम करें

उन्होंने कहा कि मनोज कुमार अग्रवाल को चुनाव आयोग के हलफनामे के माध्यम से फंसाया गया है। ऐसी क्या मजबूरी या जल्दबाजी थी कि एमसीसी समाप्त होने से पहले ही मनोज कुमार अग्रवाल को राज्य का मुख्य सचिव बना दिया गया? चुनाव के बाद राज्य पर्यवेक्षक सुब्रत गुप्ता को सीएम का राजनीतिक सलाहकार बना दिया गया। अपनी आलोचना को और तीखा करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग यह सोचते हैं कि राजनीति में किसी भी तरह से जीत हासिल करना जरूरी है, उन्हें यह समझना चाहिए कि उन्हें कानून और संविधान के दायरे में रहकर काम करना होगा।

भ्रष्ट लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई

जिस दिन भाजपा सत्ता से बाहर होगी, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जब आने वाले दिनों में INDI गठबंधन सत्ता में आएगा, तो पहली कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की जाएगी जो भ्रष्टाचार में लिप्त रहे हैं और जिन्होंने कानून और संविधान का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि जब आने वाले समय में INDI गठबंधन सरकार बनाएगा, तो प्राथमिकता उन भ्रष्ट लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की होगी, जिन्होंने 10 साल तक देश को लूटा, जिन्होंने कानून और संविधान का उल्लंघन किया।

निर्वाचन क्षेत्रों के 10 मिनट के सीसीटीवी फुटेज दिखाने की खुली चुनौती

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चुनौती देते हुए टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनाव में हेरफेर किया गया था। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को दोपहर 3:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक के बजाय रात 9:00 बजे तक (3 बजे से 9 बजे तक) के प्रमुख मतगणना केंद्रों और निर्वाचन क्षेत्रों के 10 मिनट के सीसीटीवी फुटेज दिखाने की खुली चुनौती दी। उन्होंने कहा कि बंगाल के चुनाव लूटे गए हैं। मैं ज्ञानेश कुमार को चुनौती देता हूं: यदि उनमें दम है, तो राजारहट गोपालपुर, भवानीपुर, राजारहट न्यू टाउन और कुल 100 विधानसभा क्षेत्रों का दोपहर 3 बजे से शाम 9 बजे तक का 10 मिनट का फुटेज दिखाएं; हम आपसे माफी मांग लेंगे।

(इनपुटः ANI)

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