नोएडा में लेबर बोनस को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल द

नोएडा में लेबर बोनस को लेकर वायरल दावे फर्जी, गलत खबर फैलाने वालों पर FIR दर्ज: अतिरिक्त श्रम आयुक्त

Noida Labour Bonus Claims Fake, FIR Filed Against Those Spreading Misinformation

नोएडा (उत्तर प्रदेश)। सोशल मीडिया पर श्रमिकों के बोनस को लेकर वायरल हो रहे दावों को अतिरिक्त श्रम आयुक्त राकेश द्विवेदी ने झूठा और मनगढ़ंत बताया है। शनिवार को उन्होंने स्पष्ट किया कि बोनस को लेकर फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी पर विश्वास न करें। उन्होंने श्रमिकों और कर्मचारियों से अपील की कि बिना पुष्टि वाली खबरों के आधार पर कोई विरोध-प्रदर्शन न करें। साथ ही चेतावनी दी कि फर्जी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ होगी कार्रवाई

अतिरिक्त श्रम आयुक्त राकेश द्विवेदी ने ANI से बातचीत में कहा, "यह एक झूठी और मनगढ़ंत खबर है, जिसे कुछ शरारती तत्वों ने सोशल मीडिया पर फैलाया है। पुलिस ने इस मामले का संज्ञान लिया है; FIR दर्ज कर ली गई है और जांच चल रही है। जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।"

उन्होंने श्रमिकों से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली बिना पुष्टि की जानकारी के आधार पर कोई कदम न उठाएं।

लेबर बोनस के लिए ये हैं पात्रता की शर्तें

राकेश द्विवेदी ने बोनस भुगतान की पात्रता स्पष्ट करते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 यानी 1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026 के बीच श्रमिकों ने कम से कम 30 दिनों तक काम किया होना चाहिए। इसके अलावा, जिस कंपनी में कर्मचारी काम कर रहे हैं, उसका कम से कम पांच साल पुराना होना और मुनाफे में होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बोनस का लाभ केवल निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले कर्मचारी ही उठा सकेंगे।

1 अप्रैल 2026 के बाद नौकरी पाने वालों को अगले साल मिलेगा बोनस

अतिरिक्त श्रम आयुक्त ने उन कर्मचारियों की पात्रता को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की, जिन्होंने 1 अप्रैल 2026 को या उसके बाद किसी संस्थान में नौकरी शुरू की है। उन्होंने बताया कि ऐसे कर्मचारी अगले वर्ष बोनस पाने के पात्र होंगे। वहीं, मौजूदा पात्र कर्मचारियों को बोनस भुगतान करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।

आधिकारिक माध्यमों से जानकारी की पुष्टि करने की अपील

द्विवेदी ने श्रमिकों और कर्मचारियों से अपील की कि बोनस से जुड़ी किसी भी जानकारी पर भरोसा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि जरूर करें। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह का संदेह होने पर श्रमिक सीधे उनसे, श्रम विभाग, पुलिस या जिला प्रशासन से संपर्क कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, "सभी के पास मेरा मोबाइल नंबर है, और हमने कार्यालय का संपर्क नंबर भी दिया है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी इस स्थिति से अवगत हैं; कृपया उनसे तथ्यों की पुष्टि कर लें। सोशल मीडिया पर चल रही बिना पुष्टि वाली जानकारी के आधार पर कोई कदम न उठाएं और न ही कोई विरोध प्रदर्शन शुरू करें।"

दिवाली से पहले वायरल हुआ था 5,100 रुपये बोनस का दावा

यह स्पष्टीकरण दिवाली से ठीक पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक संदेश के बाद आया है। इस संदेश में दावा किया गया था कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने सभी सरकारी विभागों और निजी कंपनियों को 5 नवंबर तक वेतन के साथ 5,100 रुपये का अनिवार्य दिवाली बोनस देने का आदेश दिया है। अतिरिक्त श्रम आयुक्त ने इस तरह के दावों को फर्जी और मनगढ़ंत बताया है।

छह महीने पहले नोएडा में हुआ था श्रमिकों का प्रदर्शन

यह घटनाक्रम नोएडा में श्रमिकों के विरोध प्रदर्शन के लगभग छह महीने बाद सामने आया है। उस दौरान श्रमिकों ने न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। अब बोनस को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी के बीच श्रम विभाग ने कर्मचारियों से आधिकारिक माध्यमों से ही जानकारी लेने की अपील की है।

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